सोहागपुर एरिया में खुलेआम मनमानी, प्रबंधन पर उठे गंभीर सवाल
कोयला श्रमिकों के लिए बने आवासों पर कब्जा, बिजली-पानी का भी उपयोग कार्रवाई न होने से नाराजगी
Junaid Khan - शहडोल। कोयला उत्पादन में लगे श्रमिकों के लिए एसईसीएल प्रबंधन द्वारा बनाए गए आवासों पर अवैध रूप से कब्जा कर रहने वाले लोगों पर कार्रवाई नहीं होने के बाद एसईसीएल सोहागपुर एरिया प्रबंधन पर सवाल उठ रहे हैं। श्रमिकों का कहना है कि ऐसे लोगों को संरक्षण में आखिर प्रबंधन के कौन अधिकारी शामिल हैं। ऐसे अधिकारियों पर समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है। सोहागपुर एरिया की लगभग सभी कॉलोनी में अवैध कब्जों की भरमार है। खासबात यह है कि अवैध रूप से आवासों में रहने वाले लोग बिजली और पानी सहित अन्य सुविधाओं का भी उपयोग करते हैं और इसका हर्जाना एसईसीएल प्रबंधन को भरना पड़ता है, इसके बाद भी अवैध रूप से रहने वाले लोगों को आवास से बाहर करने की कार्रवाई नहीं हो रही है। संजय नगर कॉलोनी सहित सोहागपुर एरिया में अन्य कॉलोनियों में अवैध कब्जा है। स्थानीय लोगों और कर्मचारियों का कहना है कि यदि समय रहते इस समस्या पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। अवैध कब्जों के कारण वास्तविक पात्र श्रमिकों को आवास नहीं मिल पा रहा है, जिससे उनमें रोष व्याप्त है। सूत्रों के अनुसार, कई बार इस संबंध में शिकायतें भी की जा चुकी हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इससे यह सवाल खड़ा हो रहा है कि कहीं न कहीं इस पूरे मामले में मिलीभगत या लापरवाही तो नहीं है। श्रमिक संगठनों ने भी इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। यदि शीघ्र ही उचित कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन की चेतावनी भी दी जा रही है। अब देखना यह होगा कि एसईसीएल प्रबंधन इस गंभीर मामले को कितनी प्राथमिकता से लेता है और अवैध कब्जों पर कब तक सख्त कार्रवाई होती है।
