ब्लैकमेलिंग और धमकी का डिजिटल आतंक: बीमार पार्षद पति के खिलाफ सोशल मीडिया पर साजिश,कोतवाली में दर्ज हुई शिकायत
Junaid Khan - शहडोल। इंसानियत को शर्मसार करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक तरफ वार्ड पार्षद का परिवार गंभीर स्वास्थ्य संकट से जूझ रहा है, वहीं दूसरी ओर कुछ असामाजिक तत्व अवसरवादिता की सारी हदें पार कर उन्हें मानसिक और सामाजिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं। मामला इतवारी मोहल्ला निवासी और वार्ड नंबर 11 की पार्षद के पति बाबू उर्फ एजाज मोहम्मद से जुड़ा है, जिन्होंने धनपुरी निवासी एक युवक पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस से सुरक्षा और न्याय की गुहार लगाई है। शिकायत पत्र के अनुसार, एजाज मोहम्मद शारीरिक रूप से दिव्यांग हैं और हाल ही में 29 मार्च को श्रीराम अस्पताल में उनके पैरों का दोबारा ऑपरेशन (करीब 4 इंच हिस्सा काटा गया) हुआ है। अभी उनके टांके भी नहीं सूखे हैं और वे बिस्तर से हिलने तक में असमर्थ हैं। इस गंभीर स्थिति के बावजूद, मो. आमिर उर्फ साहिल नामक युवक द्वारा सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ झूठे आरोपों की झड़ी लगा दी गई है।
आरोप है कि साहिल द्वारा फर्जी वीडियो बनाकर वायरल किए जा रहे हैं ताकि पार्षद परिवार की छवि धूमिल की जा सके। पीड़ित का कहना है कि यह न केवल ब्लैकमेलिंग का प्रयास है, बल्कि खुलेआम धमकी देकर उन्हें मानसिक रूप से तोड़ने की साजिश भी रची जा रही है। इस पूरे घटनाक्रम से परिवार गहरे सदमे और भय के माहौल में जीने को मजबूर है। बताया जा रहा है कि विवादित पुश्तैनी भूमि पर निर्माण कार्य से एजाज मोहम्मद का कोई लेना-देना नहीं है, फिर भी उन्हें बेवजह निशाना बनाया जा रहा है। इस मामले में पार्षद पति ने कोतवाली शहडोल में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन सोशल मीडिया के दुरुपयोग कर एक बीमार व्यक्ति को प्रताड़ित करने वाले इस साइबर गोरखधंधे पर समय रहते लगाम कस पाएगा या नहीं। स्थानीय लोगों में इस अमानवीय कृत्य को लेकर भारी आक्रोश है और सभी की नजरें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं। (लीड न्यूज़ के तौर पर यह मामला न केवल कानून व्यवस्था बल्कि समाज में बढ़ते डिजिटल अपराधों की गंभीरता को भी उजागर करता है, जहां सहानुभूति के बजाय साजिशें हावी होती जा रही हैं।
