अमन-चैन की दुआओं के साथ शहडोल में मना ईद-उल-अजहा का पर्व

बुढार चौक और सुहागपुर ईदगाह में उमड़ा आस्था का जनसैलाब 

प्रशासन और पुलिस की मुस्तैदी ने पेश की कर्तव्यपरायणता की मिसाल,कौमी एकता और भाईचारे के साथ गले मिलकर दी मुबारकबाद


Junaid Khan - शहडोल। गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी भाईचारे की अनूठी मिसाल पेश करते हुए शहडोल संभाग मुख्यालय सहित आस-पास के क्षेत्रों में ईद-उल-अजहा (बकरीद) का त्योहार बेहद अकीदत, सादगी और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। 27 मई 2026 को सुबह से ही समूचा अंचल त्योहार के रंग में सराबोर नजर आया। नगर के ऐतिहासिक बुढार चौक स्थित ईदगाह में हजारों की संख्या में मुस्लिम धर्मावलंबी एकत्र हुए, जहां उन्होंने मुकद्दस बकरीद की नमाज अदा की। बुढार चौक जामा मस्जिद के इमाम आरिफ मौलाना साहब ने पूरे विधि-विधान और रूहानी माहौल में नमाज मुकम्मल कराई। इस दौरान इमाम साहब ने खुतबा पढ़ते हुए समाज को इंसानियत और इबादत का सच्चा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि यह दिन अपनी सबसे अजीज चीज को अल्लाह की राह में कुर्बान करने और समाज के हर तबके के प्रति हमदर्दी रखने का है। नमाज के बाद बारगाहे-इलाही में हाथ उठाकर देश में अमन, चैन, खुशहाली और तरक्की के लिए विशेष दुआएं मांगी गईं।

गले मिलकर मिटाईं दूरियां, सुहागपुर में भी दिखा अकीदत का मंजर 

बुढार चौक ईदगाह में नमाज संपन्न होते ही फिजां में 'ईद मुबारक' की गूंज गूंजने लगी। क्या बड़े, क्या बच्चे, सभी ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी और आपसी गिले-शिकवे भुलाकर भाईचारे का संदेश दिया। इसी कड़ी में सुहागपुर ईदगाह और सुहागपुर कब्रिस्तान मैदान में भी ईद की विशेष नमाज पूरी अकीदत के साथ पढ़ी गई। यहां भी बड़ी संख्या में रोजेदार और नमाजी जुटे, जिन्होंने मुल्क की सलामती और कौमी एकता के लिए सजदे में सिर झुकाया। दोनों ही प्रमुख स्थलों पर त्याग, तपस्या और समर्पण का यह पर्व पूरी तरह शांतिपूर्ण और गरिमामय माहौल में संपन्न हुआ, जो शहडोल की साझा संस्कृति को और मजबूत करता है।

कर्तव्य पथ पर डटा रहा जिला व पुलिस प्रशासन, मुस्तैदी की हर तरफ सराहना

इस पूरे महापर्व को निर्विघ्न और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने में जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की भूमिका अत्यंत सराहनीय और अनुकरणीय रही। त्योहार के मद्देनजर कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में दोनों ही संवेदनशील और प्रमुख स्थलों पर भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी तड़के से ही मोर्चा संभाले हुए थे। भीषण गर्मी और विपरीत परिस्थितियों के बावजूद पुलिस जवानों और प्रशासनिक अमले ने पूरी संवेदनशीलता के साथ अपनी ड्यूटी, अपना कर्ज और अपना फर्ज निभाया। यातायात व्यवस्था से लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के बीच अधिकारियों ने नमाजियों का स्वागत किया और उन्हें पर्व की शुभकामनाएं दीं। प्रशासन के इस समन्वय और मुस्तैद कार्यप्रणाली की प्रबुद्ध जनों और ईदगाह कमेटियों ने खुले दिल से तारीफ की है।

अखबार की बेबाक रिपोर्टिंग का दिखा असर 

गौरतलब है कि क्षेत्र की जनसमस्याओं और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर पूर्व में हमारे समाचार पत्र द्वारा लगातार सजग पत्रकारिता के माध्यम से ध्यान आकर्षित कराया जाता रहा है। पूर्व में प्रकाशित खबरों और जमीनी हकीकत को दिखाते हुए जो जनहित के मुद्दे उठाए गए थे, इस बार त्योहार के दौरान उसका व्यापक असर देखने को मिला। प्रशासन ने समय रहते सभी आवश्यक बुनियादी व्यवस्थाएं, साफ-सफाई और सुरक्षा के इंतजाम चाक-चौबंद किए। जिम्मेदार अधिकारियों की सक्रियता ने यह साबित कर दिया कि यदि मीडिया और प्रशासन मिलकर काम करें, तो समाज में व्यवस्थाएं आदर्श रूप ले लेती हैं। मुस्लिम भाइयों ने भी अनुशासित रहकर और प्रशासन का पूर्ण सहयोग करते हुए इस पावन पर्व को ऐतिहासिक और यादगार बना दिया।

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