जनसुनवाई में गूंजे आमजन के मुद्दे,कमिश्नर व कलेक्टर ने दिए त्वरित निराकरण के निर्देश
Junaid Khan - शहडोल। 07 अप्रैल 2026।शहडोल संभाग एवं जिला स्तर पर आयोजित जनसुनवाई में दूर-दराज से आए लोगों ने अपनी समस्याएं प्रशासन के सामने रखीं। कमिश्नर कार्यालय और कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित इन जनसुनवाई कार्यक्रमों में अधिकारियों ने आमजन की शिकायतों को गंभीरता से सुना और समय-सीमा में निराकरण के सख्त निर्देश दिए। कमिश्नर शहडोल संभाग श्रीमती सुरभि गुप्ता ने जनसुनवाई के दौरान अनूपपुर, शहडोल और उमरिया जिलों से आए नागरिकों की समस्याएं सुनीं। ग्राम लोहरी निवासी रामलाल ने करपा जलाशय योजना के तहत अधिग्रहित भूमि का मुआवजा दिलाने की मांग की, वहीं ग्राम जमुआ के गोपाल कृष्ण पाण्डेय ने भूमि से अतिक्रमण हटवाने की शिकायत की। ग्राम बरेली के हीरालाल गुप्ता ने पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ दिलाने तथा उमरिया जिले के ग्राम मुदरिया निवासी रामसिंह ने भूमि सीमांकन कराने का आवेदन प्रस्तुत किया। कमिश्नर ने सभी आवेदनों को संबंधित विभागों को प्रेषित कर शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इसी क्रम में कलेक्ट्रेट कार्यालय के सोन सभागार में आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में कलेक्टर डॉ. केदार सिंह एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी शिवम प्रजापति ने भी आमजन की समस्याएं सुनीं। जनसुनवाई में रोजगार, भूमि विवाद, योजनाओं के लाभ और मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी अनेक शिकायतें सामने आईं। ग्राम अटरिया के नारायण तिवारी ने पट्टा नकल दिलाने, धनपुरी की रश्मि नामदेव व बलबहरा की रीतू तिवारी ने रोजगार उपलब्ध कराने, ग्राम साखी की रामरती चतुर्वेदी ने पीएम सम्मान निधि का लाभ दिलाने, वार्ड 13 की किरण सिंह ने बीपीएल कार्ड बनवाने, अमलाई के सौखीलाल कोल ने नाली निर्माण कराने, पड़री के हीरालाल बैगा ने भूमि नक्शा तरमीम तथा नरगी के सुखलाल बैगा ने सीमांकन कराने की मांग रखी। कलेक्टर ने सभी आवेदनों को संबंधित विभागों को भेजते हुए निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित और पारदर्शी तरीके से निराकरण किया जाए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप आमजन को योजनाओं का लाभ समय पर मिलना चाहिए और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जनसुनवाई में एसडीएम सोहागपुर श्रीमती अमृता गर्ग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने अपनी समस्याएं रखीं, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था की सक्रियता और जवाबदेही का भी परिचय मिला। जनसुनवाई बनी राहत का माध्यम जनसुनवाई कार्यक्रम आमजन के लिए अपनी समस्याओं को सीधे प्रशासन तक पहुंचाने का प्रभावी मंच बनता जा रहा है। इससे न केवल शिकायतों का त्वरित निराकरण संभव हो रहा है, बल्कि शासन और जनता के बीच संवाद भी मजबूत हो रहा है।

