ऐप डाउनलोड करते ही उड़ गए ₹1,01,970 मेडिकल पॉलिसी बंद कराने के झांसे में साइबर ठगी
Junaid Khan - शहडोल। जिले में साइबर ठगी का एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक व्यवसायी को मेडिकल पॉलिसी बंद कराने का झांसा देकर ठगों ने उसके क्रेडिट कार्ड से 1 लाख 1970 रुपये पार कर दिए। घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है। मामला बुढ़ार थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, अज्ञात साइबर अपराधियों ने पहले पीड़ित को कॉल कर खुद को क्रेडिट कार्ड विभाग का अधिकारी बताया। कॉलर ने बेहद चालाकी से बात करते हुए कहा कि उनके नाम पर एक मेडिकल पॉलिसी सक्रिय है, जिसे यदि वे तुरंत बंद नहीं कराते हैं तो हर महीने भारी रकम कटती रहेगी।
ठग ने पीड़ित को भरोसे में लेते हुए कहा कि पॉलिसी बंद कराने के लिए एक आरबीआई अधिकृत ऐप डाउनलोड करना जरूरी है। जैसे ही पीड़ित ने ठग द्वारा भेजे गए लिंक से ऐप डाउनलोड किया, उसी समय उसके क्रेडिट कार्ड से ₹1,01,970 की रकम कट गई। पीड़ित सुशील कुमार दहिया, निवासी अमरकंडी ने बताया कि 25 अप्रैल की शाम उनके मोबाइल पर कॉल आया था। शुरुआत में बात पूरी तरह आधिकारिक लगी, जिससे उन्हें शक नहीं हुआ। लेकिन ऐप डाउनलोड करते ही कुछ ही मिनटों में खाते से रकम कटने का मैसेज आया, तब उन्हें ठगी का एहसास हुआ। घटना के तुरंत बाद पीड़ित ने बुढ़ार थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साथ ही साइबर सेल भी इस मामले की पड़ताल में जुट गई है। बढ़ते साइबर अपराध, सतर्क रहने की जरूरत विशेषज्ञों का कहना है कि आजकल ठग नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। खासकर फर्जी ऐप, लिंक और बैंक/बीमा के नाम पर कॉल करके लोगों को भ्रमित किया जा रहा है। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है: किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें किसी भी ऐप को बिना जांच के डाउनलोड न करें। बैंक या कार्ड से जुड़ी जानकारी किसी से साझा न करें। संदिग्ध कॉल आने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन पर संपर्क करें। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि डिजिटल सुविधा के साथ सतर्कता भी उतनी ही जरूरी है, वरना एक छोटी सी गलती भारी नुकसान का कारण बन सकती है।
