न्याय और सम्मान का संगम: देपालपुर नेशनल लोक अदालत में 118 प्रकरणों का निपटारा, ₹53 लाख से अधिक के अवार्ड पारित

विशेष आयोजन: जिला न्यायाधीश हिदायत उल्ला खान ने मेधावी छात्रों को किया सम्मानित; कहा- "मेधावी छात्र ही राष्ट्र के भविष्य के निर्माता 




Junaid Khan - शहडोल। देपालपुर (इंदौर) तहसील विधिक सेवा समिति एवं अधिवक्ता संघ देपालपुर के संयुक्त तत्वावधान में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस अवसर पर लोक अदालत के शुभारंभ अवसर पर एक गरिमामय मेधावी विद्यार्थी सम्मान समारोह जिला न्यायाधीश माननीय हिदायत उल्ला खान के मुख्य आतिथ्य एवं अधिवक्ता संघ अध्यक्ष अंतर सिंह मौर्य की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। इस अवसर पर तहसील देपालपुर क्षेत्र में कक्षा 10वीं एवं 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। सफलता के आंकड़े: बैंकों और नगर परिषद की बड़ी वसूली नेशनल लोक अदालत में समझौते के माध्यम से बड़ी सफलता प्राप्त हुई। इसमें बैंको के 29 वसूली प्रकरणों में 31 लाख 51 हजार पांच सौ रूपये एवं नगर परिषद के जलकर एवं संपत्तिकर के 54 प्रकरणों में 2 लाख 53 हजार छह सौ रुपए के अवार्ड पारित किए गए। वहीं, न्यायालयों के लंबित 35 प्रकरणों में 18 लाख 96 हजार आठ सौ रुपए के अवार्ड पारित कर वर्षों पुराने विवादों का अंत किया गया।

शिक्षा ही जीवन का असली दीपक: जिला न्यायाधीश 

कार्यक्रम में जिला न्यायाधीश हिदायत उल्ला खान ने मेधावी विद्यार्थियों को पदक प्रदान कर सम्मानित किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दीं। अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में जिला न्यायाधीश श्री खान ने कहा कि मेधावी विद्यार्थी केवल अपने परिवार की आशाओं का केंद्र नहीं होते, बल्कि वे समाज और राष्ट्र के भविष्य के निर्माता होते हैं। आप सबकी मेहनत, अनुशासन और लगन ही आने वाले भारत की दिशा तय करेगी।" उन्होंने आगे कहा कि शिक्षा ही वह दीपक है, जो अज्ञानता का अंधकार मिटाकर जीवन को नई दिशा देता है। माता-पिता के त्याग, शिक्षकों के मार्गदर्शन और स्वयं के परिश्रम का सम्मान करते हुए निरंतर आगे बढ़ना ही सच्ची सफलता है।

संवाद से विवाद का अंत: लोक अदालत का उद्देश्य

जिला न्यायाधीश श्री हिदायत उल्ला खान ने नेशनल लोक अदालत के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह केवल मुकदमों के निपटारे का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक सौहार्द, आपसी समझौते और मानवीय मूल्यों को सुदृढ़ करने का सशक्त मंच है। उन्होंने कहा कि जहाँ संवाद होता है, वहाँ विवाद समाप्त हो जाता है और नेशनल लोक अदालत न्याय का ऐसा उत्सव है, जहाँ समय, धन और ऊर्जा की बचत के साथ संबंधों में मधुरता बनी रहती है। 

इनकी रही गरिमामय उपस्थिति

सम्मान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के चेहरों पर आत्मविश्वास और प्रसन्नता स्पष्ट झलक रही थी। कार्यक्रम में वरिष्ठ न्यायाधीश श्रीमती रिजवाना कौसर, सुमित्रा ताहेड़, दिव्या श्रीवास्तव, अधिवक्ता संघ अध्यक्ष अंतर सिंह मौर्य, सहायक जेल अधीक्षक आर.एस. कुशवाह, एडीपीओ विशाल गुप्ता, ईशराम गड़रिया, अंतर सिंह डाबर, वरिष्ठ अधिवक्ता राजेंद्र पटेल, मालती जोशी, कोषाध्यक्ष रजनी पवार, सीएल पटेल, प्रकाश धाकड़, प्रदीप पाटीदार, विजय नागर, चेतन राठौर, चिंतामन बाथम, दुलेन्द्र जैन, आनंद वर्मा, नायब नाजिर दिलीप यादव, विशाल राठी उपस्थित रहे। साथ ही पत्रकार संघ अध्यक्ष विमल वर्मा, पवन सोनी, शिक्षक इंदर परमार, दिनेश वारसकल, विमल वर्मा, सभी बैंकों के प्रबंधक, नगर परिषद के अधिकारी-कर्मचारी, न्यायालय स्टाफ सहित सभी अधिवक्ता संघ के अभिभाषक गण, विद्यार्थियों के परिजन एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल प्रभावी संचालन अधिवक्ता चेतन हार्डिया ने किया एवं आभार सचिव दिनेश डोंड ने व्यक्त किया। संदेश: यह समारोह संदेश दे गया कि न्याय और शिक्षा दोनों ही समाज को प्रकाशमान करने वाले ऐसे स्तंभ हैं, जिन पर एक सशक्त, संवेदनशील और प्रगतिशील राष्ट्र का निर्माण होता है।

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