अभाविप शहडोल इकाई द्वारा वीरांगना महारानी अवक्का बाई जी की 500वीं जन्मजयंती मनाई गई।

अभाविप शहडोल इकाई द्वारा वीरांगना महारानी अवक्का बाई जी की 500वीं जन्मजयंती मनाई गई।


Junaid Khan - शहडोल। स्थित शासकीय इंदिरा गांधी कन्या महाविद्यालय में महारानी अबक्का जी की 500वीं जन्मजयंती के उपलक्ष्य पर छात्राओं के बीच उनकी जयगाथा बताई गई जिसमें कार्यक्रम की मुख्य वक्ता डॉ. कुमुद सांड्या रहीं। कार्यक्रम का शुभारंभ रानी अबक्का जी के छाया चित्र के समक्ष दीप्रज्वलन करके किया गया उसके उपरांत मुख्य वक्ता द्वारा छात्राओं को बताया गया कि महारानी अवक्का बाई भारत की महान महिला स्वतंत्रता सेनानी के साथ साथ कुशल प्रशासक, अजेय रणनीतिकार और महापराक्रमी शासक थीं। उसके बाद डॉ. कुमुद ने कहा कि उस समय विश्व की अजेय माने जाने वाली शक्तियों में से एक पुर्तगाली आक्रमणकारियों को उन्होंने अपने शासनकाल में पुर्तगालियों को अनेकोबार परास्त किया था और अपने राज्य की स्वतंत्रता बनाकर रखी। अवक्का बाई ने अपनी कूटनीतिक निपुणता और उत्तर केरल के राजा सामुद्री जमोरिन जैसे शासकों से सामरिक संधि के चलते उन्हें यह सफलता बनाकर रखना सम्भव हुआ। उनकी रणनीति, शौर्य और निर्भीक नेतृत्व के चलते उन्हें इतिहास के पृष्ठों में 'अभयारानी' अभयारानी'व कहा जाता है। उसके उपरांत भाग संयोजक शहडोल निधि पाण्डेय ने कहा कि महारानी अवक्का ने भारत की सर्व समावेशी परंपरा का निर्वाह करते हुए। कई शिव मंदिरों व तीर्थ स्थलों का भी विकास किया था। उन्होंने अपने शासनकाल में सभी मतलबियों को समान रूप से सम्मान और समाज के सभी वर्गों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया था इसी कारण उनकी सद्भावना व एकता की विरासत कर्नाटक में यक्षगान, लोकगीतों व लोक नृत्य द्वारा प्रस्तुत की जाती हैं। कार्यक्रम का सफल संचालन साक्षी सिंह ने किया। कार्यक्रम के उपरांत सभी विद्यार्थियों का आभार महाविद्यालय इकाई मंत्री जिया दुबे ने किया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से विभाग छात्रा प्रमुख अंजलि पांडेय, जिला संयोजक अमन त्रिपाठी,भूमिका द्विवेदी, प्रेरणा द्विवेदी, अंशिका मिश्रा एवं अन्य कार्यकर्ता सहित महाविद्यालय की छात्राएं उपस्थित रहीं।

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