खुलेआम लूट मलमाथर का घटना
Junaid Khan - शहडोल। एक तरफ सूबे के मुख्यमंत्री भ्रष्टाचार और गुंडागर्दी के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की बात करते हैं, वहीं दूसरी तरफ शहडोल जिले के गोहपारू अंतर्गत ग्राम मलमाथर (मौहार टोला) में विद्युत विभाग के कर्मचारियों ने जो नंगा नाच किया है, उसने मानवता को शर्मसार कर दिया है। विद्युत विभाग के इंजीनियर श्री निवास पटेल और उनकी 10 सदस्यीय टीम सूर्य शर्मा अजय शर्मा संजय कुशवाहा व उनके साथियों पर शराब के नशे में धुत होकर ग्रामीणों को लूटने और महिलाओं के साथ बदसलूकी करने का संगीन आरोप लगा है। इंजीनियर श्री निवास पटेल की 'शराबी टीम' का तांडव। दिनांक 10/05/2026/ दोपहर जब मौहार टोला के यादव मोहल्ले के लोग अपने दैनिक कार्यों में व्यस्त थे, तभी इंजीनियर अपने नशेड़ियों टीम के साथ 10 गुंडो को लेकर कर्मचारियों के साथ वहां पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि पूरी टीम शराब की बदबू से सराबोर थी। चेकिंग के नाम पर बिना किसी महिला पुलिसकर्मी के ये लोग घरों के अंदर घुस गए और महिलाओं के साथ झूमाझटकी शुरू कर दी।
वर्दी की आड़ में डकैती: ₹5000 की चोरी और ₹20,000 की जबरन वसूली
पीड़ित परिवार का आरोप किसी डकैती से कम नहीं है। आरोप है कि टीम ने घर में घुसकर ₹5,000 नकद पार कर दिए और बिजली काटने का खौफ दिखाकर मोहल्ले से ₹20,000 की अवैध वसूली की। सवाल यह उठता है कि क्या विभाग ने इन कर्मचारियों को सरकारी काम के लिए भेजा था या जनता की जेबें काटने के लिए। 112 नंबर की गाड़ी देखते ही उड़े होश, मौके से हुए रफूचक्कर। ग्रामीणों की हिम्मत की दाद देनी होगी जिन्होंने इस गुंडागर्दी के खिलाफ आवाज उठाई और तत्काल डायल 112 को सूचना दी। जैसे ही पुलिस की गाड़ी की सायरन गूंजी, नशे में मदमस्त इंजीनियर श्री निवास पटेल और उनकी 'लुटेरी टीम' के होश फाख्ता हो गए और वे अपनी गाड़ियां छोड़कर या आनन-फानन में मौके से भाग खड़े हुए। CM हेल्पलाइन की दहलीज पर मामला, प्रशासन मौन क्यों। घटना की शिकायत तत्काल मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर दर्ज कराई गई है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या सिर्फ शिकायत से काम चलेगा? 1.चरित्र प्रमाण पत्र की वैधता पर सवालः क्या विभाग में भर्ती के समय इंजीनियर लक्ष्मण पटेल और उनकी टीम का पुलिस वेरिफिकेशन (चरित्र प्रमाण पत्र) सही तरीके से हुआ था? जो लोग नशे में धुत होकर महिलाओं से झपटी करें और चोरी जैसी वारदातों को अंजाम दें, क्या उनका पिछला रिकॉर्ड भी आपराधिक रहा है? प्रशासन को इनके चरित्र प्रमाण पत्रों की दोबारा जांच करनी चाहिए। 2.सरकारी मुलाजिम या वर्दीधारी लुटेरे ? महिलाओं के साथ हाथापाई करना और घर से पैसे उठा लेना किसी लोक सेवक का काम नहीं, बल्कि आदतन अपराधियों और गुंडों की पहचान है। क्या विभाग अब 'वसूली गैंग' चला रहा है? 1.क्या इन कर्मचारियों का तत्काल मेडिकल टेस्ट कराया गया? 2.महिलाओं के सम्मान से खिलवाड़ करने वाले श्री निवास पटेल पर FIR कब होगी। हालांकि गोहपारू थाना पहुंचते ही दोनों पक्ष में समझौता हुआ है।
