शहडोल में फूंका शिक्षा मंत्री का पुतला,आर-पार की जंग का ऐलान
Junaid Khan - शहडोल। देश की सबसे प्रतिष्ठित मेडिकल प्रवेश परीक्षा 'नीट' (NEET) के पेपर लीक मामले ने अब एक बड़े जनांदोलन का रूप ले लिया है। शिक्षा तंत्र में सेंधमारी और मेधावी छात्रों के भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ के विरुद्ध आज शहडोल की सड़कों पर जबरदस्त उबाल देखने को मिला। जिला मुख्यालय के हृदय स्थल जय स्तंभ चौक पर युवा कांग्रेस ने उग्र प्रदर्शन करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन किया। यह प्रदर्शन न केवल एक विरोध था, बल्कि उन भ्रष्ट तंत्र के आकाओं को सीधी चुनौती थी जो बंद कमरों में बैठकर युवाओं के सपनों की सौदेबाजी कर रहे हैं।
प्रशासनिक चूकों और पेपर लीक ने बढ़ाई रार
युवा कांग्रेस शहडोल जिलाध्यक्ष अनुपम गौतम के कुशल मार्गदर्शन एवं विधानसभा अध्यक्ष शेख साजिल के आक्रामक नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने हुंकार भरी। प्रदर्शनकारियों का साफ कहना है कि नीट परीक्षा की शुचिता भंग होना महज एक तकनीकी चूक नहीं, बल्कि एक सुनियोजित अपराध है। नगर के मुख्य मार्गों से होते हुए जब आक्रोशित युवाओं का जत्था जय स्तंभ चौक पहुंचा, तो पूरा इलाका "छात्रों के सम्मान में, युवा कांग्रेस मैदान में" और शिक्षा मंत्री के विरुद्ध नारेबाजी से गूंज उठा। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार और संबंधित विभाग इस संवेदनशील मुद्दे पर केवल लीपापोती करने में जुटे हैं।
भ्रष्टाचारियों और जिम्मेदारों को सीधी चेतावनी
पुतला दहन के दौरान युवा कांग्रेस ने उन गिरोहों को भी आड़े हाथों लिया जो शिक्षा जगत में 'अवैध सिंडिकेट' चला रहे हैं। वक्ताओं ने दो टूक शब्दों में कहा कि जो लोग पेपर लीक कर करोड़ों की उगाही कर रहे हैं, उनके हौसले इसलिए बुलंद हैं क्योंकि उन्हें सत्ता का संरक्षण प्राप्त है। प्रदर्शन के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि अब शहडोल का युवा चुप बैठने वाला नहीं है। यदि समय रहते इस 'अवैध धंधे' पर नकेल नहीं कसी गई और शिक्षा मंत्री पर ठोस दंडात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो यह चिंगारी आने वाले समय में एक भीषण जन-आंदोलन की लपट बन जाएगी।
न्याय न मिलने पर उग्र आंदोलन की दी धमकी
विधानसभा अध्यक्ष शेख साजिल ने संबोधित करते हुए कहा कि लाखों विद्यार्थियों की दिन-रात की मेहनत को चंद रुपयों के लालच में नीलाम कर दिया गया। उन्होंने प्रशासन और सरकार को चेतावनी देते हुए कहा, "यदि पीड़ित छात्रों के साथ न्याय नहीं हुआ और परीक्षा की पारदर्शिता बहाल नहीं की गई, तो आगामी दिनों में चक्का जाम और जेल भरो आंदोलन जैसे उग्र कदम उठाए जाएंगे।" इस दौरान पुलिस बल की मौजूदगी के बावजूद कार्यकर्ताओं का जोश कम नहीं हुआ और उन्होंने शिक्षा मंत्री से तत्काल इस्तीफे की मांग दोहराई।
संगठन की एकजुटता ने दिखाई ताकत
इस महत्वपूर्ण विरोध प्रदर्शन में संगठन की मजबूती साफ नजर आई। कार्यक्रम में मुख्य रूप से श्री नमो गर्ग, सत्यम प्रजापति, आशु चौधरी, सुहैल आलम, इमरान खान, सोनू चौबे, आशीष, गौरव सहित भारी संख्या में युवा कांग्रेस के कर्मठ कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में संकल्प लिया कि जब तक अंतिम छात्र को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक सड़क से सदन तक यह लड़ाई जारी रहेगी। आज के इस घटनाक्रम ने स्थानीय प्रशासन और शासन की नींद उड़ा दी है, जो अब तक इस गंभीर मुद्दे पर मौन साधे हुए थे।
