एनएसयूआई शहडोल ने मुख्यमंत्री के नाम विधायक को सौंपा ज्ञापन
Junaid Khan - शहडोल। आज दिनाँक 05 मई 2026 को एनएसयूआई शहडोल द्वारा जिलाध्यक्ष सौरभ तिवारी के नेतृत्व में पण्डित शंभूनाथ शुक्ल विश्वविद्यालय में हो रही गंभीर अनियमितताओं को लेकर मुख्यमंत्री के नाम स्थानीय विधायक को ज्ञापन दिया। निम्नलिखित मुद्दों को बिंदुवार संज्ञान में लाया जा रहा है।
1.शहडोल जिले में नवीन महाविद्यालय की स्थापना वर्ष 2023 में मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान तथा वर्तमान मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा शहडोल प्रवास के दौरान जिले में नवीन महाविद्यालय स्थापित करने की घोषणा की गई थी। परंतु आज दिनांक तक उक्त घोषणा को धरातल पर नहीं उतारा गया है और जिले में कोई भी नया महाविद्यालय स्थापित नहीं हुआ है। मांग: क्षेत्र के छात्र-छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए शहडोल में शीघ्र एक नवीन महाविद्यालय की स्थापना की जाए।
2.शहडोल डिग्री कॉलेज हॉस्टल के जर्जर सुधार में लापरवाही शहडोल डिग्री कॉलेज हॉस्टल के सुधार हेतु शासन द्वारा विश्वविद्यालय प्रशासन को 50 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई थी। इसके बावजूद आज तक हॉस्टल में किसी भी प्रकार का सुधार कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है, जिससे स्थिति लगातार बदतर होती जा रही है। मांग: शासन इस गंभीर लापरवाही पर संज्ञान लेते हुए जिम्मेदार अधिकारियों एवं विश्वविद्यालय प्रशासन के विरुद्ध कड़ी व त्वरित कार्रवाई करे तथा सुधार कार्य तत्काल प्रारंभ कराया जाए।
3.PM-USHA अंतर्गत स्वीकृत राशि के उपयोग पर संदेह पंडित शंभूनाथ शुक्ला विश्वविद्यालय, शहडोल को PM-USHA योजना के तहत विश्वविद्यालय उन्नयन हेतु लगभग 55 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। शासकीय अभिलेखों में राशि के 100% उपयोग का दावा है, जबकि वास्तविकता में आज भी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है और कई विभागों में कंप्यूटर व आईटी संसाधन उपलब्ध नहीं हैं। मांग: शासन इस विषय की उच्चस्तरीय जांच कराए, यह स्पष्ट करे कि धनराशि कहां-कहां और किन कार्यों में व्यय हुई, तथा व्यय राशि का वास्तविक व पूर्ण विवरण सार्वजनिक किया जाए।
4.एक ही अधिकारी को अनेक महत्वपूर्ण प्रभार विश्वविद्यालय में परीक्षा प्रभारी के पद पर कार्यरत डॉ. पूर्णिमा शर्मा को PM-USHA योजना का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। जबकि पिछले एक-दो वर्षों से छात्रों के परिणाम लंबित हैं और परिणामों में गंभीर अनियमितताओं की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। मांग: विश्वविद्यालय में दिए गए अनेक प्रभारों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा छात्रों के हित में डॉ. पूर्णिमा शर्मा को सभी प्रभारी पदों से तत्काल हटाया जाए।
5.कुलसचिव लापता पंडित शंभूनाथ शुक्ला विश्वविद्यालय, शहडोल में विगत तीन महीनों से कुलसचिव लापता हैं। परिणामस्वरूप विश्वविद्यालय की प्रशासनिक व्यवस्था प्रभारी कुलसचिव के भरोसे संचालित हो रही है,जिससे नियमों की अनदेखी, पारदर्शिता की कमी एवं मनमर्जीपूर्ण कार्यप्रणाली बढ़ रही है। मांग: शासन शीघ्र संज्ञान लेते हुए इस विषय का निराकरण करे, ताकि विश्वविद्यालय की प्रशासनिक व्यवस्था सुचारू, पारदर्शी एवं जवाबदेह बन सके।
6.संस्कृत विभाग की कक्षाएं प्रभावित होने के संबंध में संस्कृत विभाग के प्राध्यापक श्री वृजेंद्र पांडे को कुलपति का OSD एवं बस प्रभारी का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है, जिसके कारण विभाग की नियमित कक्षाएं प्रभावित हो रही हैं। मांग: छात्रहित को ध्यान में रखते हुए उन्हें तत्काल OSD एवं बस प्रभारी के प्रभार से मुक्त किया जाए, जिससे संस्कृत विभाग की शिक्षण व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो सके।
7.विश्वविद्यालय में कुलपति व उनके करीबी लोगों के भाई-भतीजों को भर्ती कराया जा रहा है, जिसे तुरंत बंद किया जाए। NSUI जिलाध्यक्ष सौरभ तिवारी ने कुलपति के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा है कि अगर हमारी मांग 7 दिन के भीतर पूरी नहीं होती तो NSUI उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी,जिसकी जवाबदारी विश्वविद्यालय प्रशासन व शासन की होगी। आज ज्ञापन देते समय प्रमुख रूप से एनएसयूआई जिलाध्यक्ष सौरभ तिवारी, जिला उपाध्यक्ष आशीष द्विवेदी, जिला उपाध्यक्ष सिमरन कौर, ब्लॉक अध्यक्ष अमन तिवारी, विश्वविद्यालय अध्यक्ष दीपांशु गुप्ता, आई टी सेल अध्यक्ष महेंद्र यादव, शिवांशु साहू, हर्षित, ओम साहू, कृतेंद्र,साहिल, सुमित, लकी, मोहित सावन, हिमेश सहित काफी संख्या में छात्र छात्राएं मौजूद रहे।
