बर्गी बांध जल-समाधि: पर्यटन विभाग की 'खूनी लापरवाही' के खिलाफ शहडोल में भड़की युवा कांग्रेस, फूंका मंत्री का पुतला

बर्गी बांध जल-समाधि: पर्यटन विभाग की 'खूनी लापरवाही' के खिलाफ शहडोल में भड़की युवा कांग्रेस, फूंका मंत्री का पुतला



Junaid Khan - शहडोल। मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी बांध में बीते 30 अप्रैल को हुए भीषण क्रूज हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। मासूम जिंदगियों की जल-समाधि ने सरकारी दावों की पोल खोल दी है। इस हृदयविदारक घटना को लेकर पूरे प्रदेश सहित शहडोल जिले में भी आक्रोश का ज्वालामुखी फूट पड़ा है। पर्यटन विभाग की कार्यप्रणाली और सुरक्षा मानकों की अनदेखी को 'सुनियोजित हत्या' करार देते हुए युवा कांग्रेस ने अब आर-पार की जंग का एलान कर दिया है।

मंत्री का पुतला दहन: इस्तीफे की मांग के साथ गूंजा जयसिंहनगर घटना के विरोध में युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष अनुपम गौतम के मार्गदर्शन एवं प्रदेश सचिव अभिषेक शुक्ला की गरिमामयी उपस्थिति में जयसिंहनगर में जोरदार प्रदर्शन किया गया। विधानसभा अध्यक्ष शेख साजिल के नेतृत्व में आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने प्रदेश के पर्यटन मंत्री का पुतला दहन किया। इस दौरान वातावरण 'पर्यटन मंत्री इस्तीफा दो' और 'भ्रष्ट प्रशासन होश में आओ' के नारों से गूंज उठा। प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि यह महज एक हादसा नहीं, बल्कि सरकारी संरक्षण में पल रहे भ्रष्टाचार का परिणाम है। सुरक्षा मानकों को ठेंगा: अवैध संचालन पर तीखे सवाल। युवा कांग्रेस ने सीधे तौर पर प्रशासन को चुनौती देते हुए आरोप लगाया कि पर्यटन के नाम पर प्रदेश के जलाशयों में 'मौत का खेल' चल रहा है। बिना लाइफ जैकेट, बिना तकनीकी जांच और क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाने वाले क्रूज संचालकों को किसका संरक्षण प्राप्त है? कार्यकर्ताओं ने मांग की कि उन तमाम सफेदपोशों और अधिकारियों पर गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज होना चाहिए, जिनकी नाक के नीचे सुरक्षा नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। मुआवजे पर तकरार: 1 करोड़ की मांग और पोस्टर वार

प्रदर्शन के दौरान युवा कांग्रेस ने हाथ में तख्तियां और पोस्टर लेकर अपना विरोध दर्ज कराया। संगठन ने दो टूक शब्दों में मांग की है कि इस हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक मृतक के परिजनों को 1 करोड़ रुपये का उचित मुआवजा दिया जाए। कार्यकर्ताओं का तर्क है कि जब सरकार की लापरवाही से किसी की जान जाती है, तो नाममात्र की सहायता राशि पीड़ित परिवारों के घावों पर नमक छिड़कने जैसा है।

प्रशासनिक तंत्र को खुली चुनौती 

शहडोल की धरती से उठी यह आवाज सीधे भोपाल के गलियारों तक पहुंचाने की कोशिश की गई है। युवा नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि पर्यटन मंत्री अपने पद से इस्तीफा नहीं देते और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं होती, तो यह आंदोलन उग्र रूप धारण करेगा। उन्होंने प्रशासन को चेताया कि जांच के नाम पर केवल खानापूर्ति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। फाइलों में दफन होने वाली जांचों का वक्त अब बीत चुका है, जनता को अब जवाबदेही चाहिए।

इनकी रही मौजूदगी: एकजुट दिखा युवा जोश

इस बड़े विरोध प्रदर्शन में युवा कांग्रेस के सक्रिय पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम में मुख्य रूप से सोनू चौबे, एजाज, समीर, दानिश, सत्यम कुशवाहा, सत्यम प्रजापति सहित सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ और उनके तेवर देखकर यह साफ है कि आने वाले दिनों में पर्यटन विभाग और प्रदेश सरकार की मुश्किलें कम होने वाली नहीं हैं। भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ते पर्यटन स्थल। विगत कुछ समय से प्रदेश के पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। बरगी बांध का हादसा इसी लचर व्यवस्था का जीता-जागता सबूत है। चर्चा यह भी है कि पर्यटन विभाग के कई जिम्मेदार अधिकारी निजी ठेकेदारों के साथ सांठगांठ कर यात्रियों की जान जोखिम में डाल रहे हैं। युवा कांग्रेस ने इस नेक्सस' को तोड़ने की हुंकार भरी है और स्पष्ट किया है कि जब तक न्याय नहीं मिलेगा, संघर्ष जारी रहेगा।

निष्कर्ष: क्या जागेगा कुंभकर्णी प्रशासन? शहडोल में हुए इस पुतला दहन ने यह साबित कर दिया है कि जनता अब मौन रहने वाली नहीं है। 30 अप्रैल की उस काली रात ने कई परिवारों के चिराग बुझा दिए, लेकिन क्या प्रशासन अब भी अपनी नींद से जागेगा? क्या उन अवैध संचालकों पर हंटर चलेगा जो चंद रुपयों के लिए लोगों की जिंदगी दांव पर लगा देते हैं? सवाल बड़ा है और जवाब की प्रतीक्षा पूरा मध्य प्रदेश कर रहा है।

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