तस्कर बाबा खान के खिलाफ हो कार्यवाही नहीं तो...परिजनों और ग्रामीणों ने दी उग्र आंदोलन कि चेतावनी
Junaid Khan - शहडोल। ब्यौहारी-जयसिंहनगर भाजपा युवा मोर्चा करकी मंडल अध्यक्ष स्वर्गीय राहुल द्विवेदी और उनके साथी स्वर्गीय अतुल तिवारी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने अब पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। जहां पुलिस प्रारंभिक तौर पर इसे सड़क दुर्घटना मान रही है, वहीं परिजनों और ग्राम टिहकी के ग्रामीणों ने इस पूरे घटनाक्रम को सुनियोजित हत्या बताते हुए बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश और तनाव का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि दोनों युवक लंबे समय से क्षेत्र में सक्रिय गौ-तस्करी का विरोध कर रहे थे और इसी वजह से उन्हें लगातार धमकियां मिल रही थीं। अब उनकी अचानक हुई मौत ने कई गंभीर आशंकाओं को जन्म दे दिया है।
गौ-तस्करों से थी पुरानी रंजिश
परिजनों ने पुलिस महानिरीक्षक शहडोल संभाग एवं पुलिस अधीक्षक शहडोल को सौंपे गए ज्ञापन में आरोप लगाया है कि मृतक राहुल द्विवेदी और अतुल तिवारी बजरंग दल एवं हिंदू वाहिनी जैसे संगठनों से जुड़े हुए थे और क्षेत्र में सक्रिय पशु तस्करों के खिलाफ लगातार आवाज उठा रहे थे। ज्ञापन में ब्यौहारी निवासी कथित गौ-तस्कर बाबा खान और उसके साथियों का नाम लेते हुए आरोप लगाया गया है कि मृतकों ने पूर्व में कई बार पशु तस्करी से जुड़े वाहनों को पकड़वाया था, जिसके कारण उनसे गहरी रंजिश पैदा हो गई थी। ग्रामीणों का दावा है कि इसी रंजिश के चलते दोनों युवकों को रास्ते से हटाने की साजिश रची गई।
थाना प्रभारी की भूमिका पर भी सवाल...
मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया जब परिजनों ने ब्यौहारी थाना प्रभारी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। आरोप लगाया गया कि पुलिस पूरे मामले को महज दुर्घटना बताकर दबाने की कोशिश कर रही है। ग्रामीणों ने मांग की है कि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए थाना प्रभारी को तत्काल प्रभाव से हटाया अथवा निलंबित किया जाए। उनका कहना है कि जब तक जांच स्वतंत्र एजेंसी या वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में नहीं होगी, तब तक सच्चाई सामने नहीं आएगी।
कॉल डिटेल और लोकेशन जांच की मांग
परिजनों ने ज्ञापन में मांग की है कि 9 मई 2026 की रात से 10 मई की सुबह तक मृतकों एवं संदिग्ध व्यक्तियों के मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और लोकेशन की तकनीकी जांच कराई जाए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि मोबाइल डेटा और घटनास्थल के आसपास की गतिविधियों की निष्पक्ष जांच हो जाए, तो पूरे मामले का सच सामने आ सकता है।
बीमा राशि के लालच और दवाब
ज्ञापन में यह भी गंभीर आरोप लगाया गया है कि कुछ लोग इस घटना को दुर्घटना साबित करने के लिए परिजनों को बीमा राशि का प्रलोभन दे रहे हैं। इस आरोप ने मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि परिवार न्याय चाहता है,किसी प्रकार का समझौता नहीं।
4 दिन का अल्टीमेटम
ग्रामीणों और परिजनों ने प्रशासन को चार दिन का समय देते हुए चेतावनी दी है कि यदि निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई, तो बड़ा जनआंदोलन किया जाएगा।
ग्राम टिहकी सहित आसपास के क्षेत्रों में इस घटना को लेकर भारी नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि यदि मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया, तो आंदोलन व्यापक रूप ले सकता है। जवाब का इंतजार..फिलहाल पूरे मामले में पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से विस्तृत बयान सामने नहीं आया है। क्षेत्र की निगाहें अब प्रशासनिक कार्रवाई और जांच की दिशा पर टिकी हुई हैं। मृतक राहुल द्विवेदी और अतुल तिवारी की मौत अब सिर्फ एक हादसे का मामला नहीं रह गई, बल्कि यह क्षेत्र में कानून-व्यवस्था, गौ-तस्करी और राजनीतिक-सामाजिक टकराव से जुड़ा बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है।

