अवैध कब्जाधारियों पर बरसेगा SECL का 'चाबुक', श्रमिक कॉलोनियों में हड़कंप; अब कटेगा बिजली-पानी का कनेक्शन
Junaid Khan - शहडोल। धनपुरी एसईसीएल (SECL) सोहागपुर एरिया की श्रमिक कॉलोनियों को अपनी जागीर समझने वाले अवैध कब्जाधारियों के बुरे दिन अब शुरू होने वाले हैं। लंबे समय से सरकारी आवासों और जमीनों पर कुंडली मारकर बैठे रसूखदारों के खिलाफ प्रबंधन ने अब आर-पार की जंग का ऐलान कर दिया है। क्षेत्रीय महाप्रबंधक के कड़े रुख के बाद अब कॉलोनियों में अवैध रूप से रह रहे लोगों को चिह्नित करने की प्रक्रिया युद्ध स्तर पर शुरू हो गई है। प्रशासन की इस सक्रियता ने उन लोगों की रातों की नींद उड़ा दी है जिन्होंने कॉलरी की जमीनों पर अवैध रूप से दुकानें और मकान तान लिए हैं।
प्रबंधन को लग रहा लाखों का चूना,कर्मचारी परेशान
उल्लेखनीय है कि इन अवैध कब्जों के कारण एसईसीएल प्रबंधन को हर महीने लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है। कॉलरी की बिजली और पानी का बेखौफ इस्तेमाल कर ये कब्जाधारी सरकारी खजाने पर डाका डाल रहे हैं। विडंबना यह है कि एक तरफ कॉलरी के वैध कर्मचारी क्वार्टर के लिए दर-दर भटक रहे हैं, वहीं दूसरी ओर रसूख और सांठगांठ के दम पर बाहरी लोग इन आवासों पर कब्जा जमाए बैठे हैं। इस दोहरी मार से न केवल व्यवस्था चरमरा गई है, बल्कि कर्मचारियों में भी भारी असंतोष व्याप्त है।
सुरक्षा विभाग की 'स्पेशल टीम' करेगी सर्जिकल स्ट्राइक
क्षेत्रीय महाप्रबंधक के सख्त निर्देशों के बाद एरिया सुरक्षा विभाग ने एक विशेष टीम का गठन किया है। यह टीम अब सभी श्रमिक कॉलोनियों का चप्पा-चप्पा छानेगी और एक-एक अवैध कब्जे की बारीकी से शिनाख्त करेगी। सूत्रों की मानें तो इस बार केवल नोटिस देकर खानापूर्ति नहीं की जाएगी, बल्कि अवैध रूप से रह रहे लोगों के बिजली और पानी के कनेक्शन तत्काल प्रभाव से काटने की तैयारी है। प्रबंधन का यह सख्त रवैया बता रहा है कि अब किसी भी प्रकार का राजनीतिक या अन्य दबाव काम नहीं आने वाला है।
जमीनों पर तान दी दुकानें, प्रशासन को खुली चुनौती
कॉलरी की जमीनों पर अतिक्रमण का जाल इस कदर फैल चुका है कि कई जगहों पर अवैध रूप से दुकानें संचालित की जा रही हैं और पक्के निर्माण कर लिए गए हैं। यह सीधे तौर पर प्रशासनिक तंत्र को दी गई एक खुली चुनौती है। बरसों से जमे इन कब्जाधारियों को अब तक सिस्टम की सुस्ती का फायदा मिल रहा था, लेकिन अब सुरक्षा विभाग की टीम सीधे ग्राउंड जीरो पर उतरकर हर अवैध निर्माण की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर महाप्रबंधक को सौंपेगी।
कार्रवाई की सुगबुगाहट से 'सिंडिकेट' में खलबली
जैसे ही प्रबंधन द्वारा टीम गठित करने और कार्रवाई की खबर बाहर आई है, अवैध कब्जाधारियों के सिंडिकेट में खलबली मच गई है। कॉलोनियों में चर्चाओं का बाजार गर्म है कि आखिर किन-किन बड़े नामों पर इस बार गाज गिरेगी। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि कॉलरी की संपत्ति किसी की निजी मिल्कियत नहीं है और जो भी नियमों का उल्लंघन करेगा, उसे न केवल बेदखल किया जाएगा बल्कि उसके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।
खबर का असर: जाग उठा सोता हुआ सिस्टम
लगातार उठ रहे सवालों और श्रमिक हितों की अनदेखी के बाद आखिरकार सिस्टम की नींद टूटी है। इसे मीडिया की सक्रियता और जनहित के मुद्दों पर लगातार की जा रही रिपोर्टिंग का ही असर कहा जाएगा कि आज एसईसीएल प्रबंधन को इन अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ चाबुक चलाने पर मजबूर होना पड़ा है। अब देखना यह होगा कि सुरक्षा विभाग की यह टीम कितनी पारदर्शिता से अपनी रिपोर्ट सौंपती है और क्या वास्तव में इन रसूखदारों के अवैध किलो को ध्वस्त किया जाएगा।
