आपरेश सेफ क्लिक 2.0 के अंतर्गत कोतवाली पुलिस द्वारा सायबर अपराधो की रोकथाम एवं जागरूकता के लिए चलाया अभियान
Junaid Khan - शहडोल। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा सायबर अपराधो की रोकथाम एवं जनजागरूकता हेतु सेफ क्लिंक 2.0 अभियान दिनांक 24 जून 2026 से 08 जुलाई 2026 तक सम्पूर्ण मध्यप्रदेश में चलाया जा रहा है जिसके अंतर्गति पुलिस अधीक्षक अनूपपुर श्री विक्रांत मुराब के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनूपपुर श्री जगन्नाथ मरकाम एवं एसडीओपी श्री नवीन तिवारी के मार्गदर्शन में कोतवाली अनूपपुर पुलिस द्वारा सायबर अपराधो से बचाव के लिए विभिन्न कार्यक्रमो का आयोजन किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत गुरूवार को भारतीय स्टेट बैंक मुख्य शाखा अनूपपुर में बैंक के अधिकारी कर्मचारियो के साथ मिलकर बैंक के करीब 100 ग्राहको के बीच उक्त जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। साथ ही शासकीय तुलसी महाविद्यालय अनूपपुर में महाविद्यालय के प्राचार्य श्री अनिल सक्सेना, प्रधायपकगण एवं करीब 600 छात्र छात्राओ को सायबर अपराधो से बचाव के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। टी.आई. कोतवाली अरविन्द जैन के साथ प्रधान आरक्षक महेन्द्र सिहं एवं आरक्षक प्रकाश तिवारी की टीम के द्वारा उक्त कार्यक्रमों में जानकारी दी गई कि अनजान व्यक्ति द्वारा मोबाईल फोन पर काल या एसएमएस के द्वारा मांगे जाने पर ओटीपी बिल्कुल ना दें। अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गये लिंक को क्लिक ना करें। अनजान नम्बर के वीडियो काल को अटेन्ड ना करें। किसी भी अनजान व्यक्ति के फोन काल पर भरोसा करते हुए किसी भी प्रकार का ट्रांजेक्शन या लेन देन ना करें। सोशल मीडिया जैसे फेसबुक, इन्स्टाग्राम आदि में प्रायवेसी फीचर को पूर्णतः एक्टिवेट करके रखे। किसी भी प्रकार के लाटरी, ईनाम, कैशबैक, के.बी.सी. लकीड्रा, जाब, लोन, बीमा आदि के लुभावने आफर से सावधान रहे। किसी संस्थान या कंपनी के कस्टमर केयर के नम्बर के लिए उनकी आधिकारिक वेबसाईट / एप्स का ही उपयोग करें। गूगल से सर्च करके कस्टमर केयर पर बातचीत ना करे। आनलाईन शापिंग के लिए विश्वनीय एवं प्रमाणित ई कामर्स वेबसाईट या एप्स का ही प्रयाग करें।अपने सभी सोशल मीडिया मैसेजिंग एप जैसे फेसबुक, इन्सटाग्राम, एक्स, वाटसअप, टेलीग्राम आदि पर टू स्टेप वैरीफिकेशन विकल्प आन रखे ताकि कोई आपके एकाउण्ट को हैक ना कर सकें। अपने सभी डिवाईस को अपडेटेड एन्टी वायरस साफ्टवेयर से सुरक्षित रखे। किसी अनजान ईमेल या लिंक खोलने से पहले प्रमाणिकता जांच ले। सिम खरीदने के लिए संबंधित कंपनी के आधिकारिक स्टोर पर ही जाये। यदि कोई फोन काल पर स्वयं को बैंक कर्मचारी होना बताकर जानकारी मांगता है तो तत्काल अपने बैंक के अधिकारी कर्मचारी से सम्पर्क करें। वीडियो काल या फोन पर आपके द्वारा किसी अपराध का डर दिखाकर वसूली के लिए किये जाने वाले डिजिटल अरेस्ट से सावधान रहे। भारतीय कानून में डिजिटल अरेस्ट जैसो कोई प्रावधान नही है। शेयर मार्केट, क्रिप्टो करेंसी, म्यूचल फण्ड में निवेश पर बहुत कम समय में अधिक रिटर्न के प्रलोभन में पड़कर फर्जी शेयर ट्रेडिंग प्लेटफार्म एप में ट्रेडिंग बिल्कुल ना करें। टेलीग्राम एप पर वर्क फ्राम होम एवं टास्क कम्पलीट करने के नाम पर रूपये कमाने के झांसे में ना आये। हमेशा ध्यान रखे कि आनलाईन पेमेन्ट करने के लिए यूपीआई पिन डालना होता है। किन्तु आनलाईन पेमेन्ट प्राप्त करने के लिए कभी यूपीआई पिन नही डालना होता है। यदि आपको कोई यूपीआई पेमेन्ट करता है और वह कहता है कि आप पेमेन्ट स्वीकार करें तथा यूपीआई पिन इन्टर करें तो ऐसा बिल्कुल ना करें। किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर APK फाईल को डाउनलोड या इन्स्टाल ना करें। आरबीआई से जुड़ी वित्तीय संस्थाओ से लोन ले, लोन एप उपयोग करने के पहले बैंक से जानकारी अवश्य लें। अपना बैंक खाता और सिम किसी भी स्थिति में किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग के लिए नहीं दे। यदि किसी सायबर अपराध का शिकार हो जाये तो तत्काल गोल्डन आवर में 1930 राष्ट्रीय सायबर क्राईम टोल फ्री हेल्पलाईन www.cybercrime.gov.in वेबसाईट पर या नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत अवश्य दर्ज कराये जिससे ट्रांसफर की गई रकम के खातो से धनराशि निकाले जाने के पूर्व फ्रीज कराकर धनराशि वापस दिलाई जा सके।
