बरसात की दहलीज पर शहडोल,जेसीबी चमकाकर डरा रहा अमला,व्यापारी संघ आर-पार के मूड में
Junaid Khan - शहडोल। वर्षाकाल की दहलीज पर खड़े शहडोल शहर को जलभराव, अनियोजित विकास और प्रशासनिक लापरवाही के गर्त में धकेलने की तैयारियों के खिलाफ अब जनाक्रोश भड़क उठा है। शहर के व्यापारियों और आम नागरिकों के सब्र का बांध टूट चुका है, जिसके बाद व्यापारी संघ ने सीधे तौर पर मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO) निशांत सिंह को कटघरे में खड़ा करते हुए तीखे तेवरों में ज्ञापन सौंपा है। मामले की संवेदनशीलता और प्रशासन की मनमानी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि न्यू बस स्टैंड से इंदिरा चौक तक होने वाले सड़क चौड़ीकरण के नाम पर पूर्व में जिला प्रशासन और व्यापारी संघ के बीच तय हुए 16 मीटर के समझौते को ताक पर रखकर, नगरपालिका अचानक 18 मीटर अतिक्रमण हटाने का तानाशाही फरमान लेकर आ गई है। दबाव बढ़ता देख सीएमओ ने आनन-फानन में 17 मीटर पर सहमति का झुनझुना तो थमाया, लेकिन महज़ एक सप्ताह का अल्टीमेटम देकर व्यापारियों को उजाड़ने की साजिश रच दी। कड़कड़ाती धूप और आगामी भारी बारिश के ऐन वक्त पर जेसीबी चलाकर आशियाने और दुकानें ध्वस्त करने की इस प्रशासनिक हठधर्मिता को सीधी चुनौती देते हुए व्यापारी संघ के अध्यक्ष लक्ष्मण गुप्ता, महासचिव प्रकाश ओचानी, अनिल रोहरा, जिला उपाध्यक्ष मनोज सराफ, शानउल्ला खान और अमित बजाज सहित अन्य पदाधिकारियों ने साफ लहजे में चेतावनी दी है कि बिना दोबारा नाप-जोख किए और बिना एक माह का पर्याप्त समय दिए यदि कोई भी दमनकारी कार्रवाई की गई, तो इसका खामियाजा सीधे तौर पर स्थानीय प्रशासन को भुगतना होगा।
ड्रेनेज पर रसूखदारों का 'अवैध' कब्जा, ठेकेदारों की मनमानी से हादसे को आमंत्रण
इस पूरे खेल में केवल प्रशासनिक लापरवाही ही नहीं, बल्कि उन रसूखदारों और रंगेहाथों अवैध कृत्य करने वालों की भी बड़ी भूमिका है जिन्होंने शहर के मुख्य नालों के ऊपर धड़ल्ले से पक्के अतिक्रमण तान रखे हैं। न्यू गांधी चौक, पटेल नगर, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, शंकर टॉकीज और इतवारी मोहल्ला जैसे प्रमुख इलाके हर साल केवल इसलिए जलमग्न हो जाते हैं क्योंकि इन रसूखदारों के अवैध कब्जों के कारण पानी की निकासी पूरी तरह ठप है। प्रशासन इन रंगेहाथों अवैध निर्माण करने वालों पर मेहरबान बना हुआ है, जिससे हर साल आम नागरिकों और छोटे दुकानदारों को लाखों का नुकसान उठाना पड़ता है। इसके साथ ही, पूरे नगरपालिका क्षेत्र में कछुआ गति से चल रहे सीवर लाइन के काम ने जनता का जीना मुहाल कर दिया है। ठेकेदार द्वारा सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर चारों तरफ बेलगाम तरीके से की गई खुदाई राहगीरों के लिए मौत का कुआं साबित हो रही है। व्यापारी संघ ने बेबाक शब्दों में चेतावनी दी है कि बारिश के दिनों में ठेकेदार अपनी मनमानी बंद करे और केवल उतना ही काम हाथ में ले जिसे सुरक्षित तरीके से पूरा किया जा सके, अन्यथा किसी भी अप्रिय दुर्घटना की पूरी जवाबदेही ठेकेदार और संबंधित विभाग की होगी।
अंधेरे में डूबी कॉलोनियां और स्वच्छता पर सुलगते सवाल,जनता ने संभाली कमान
एक तरफ जहां विकास के दावों के बीच शहर की तमाम कॉलोनियां स्ट्रीट लाइटों के बंद होने से रात के वक्त घने अंधेरे में डूबी रहती हैं, वहीं दूसरी तरफ सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन पूरी तरह संवेदनहीन बना हुआ है। प्रशासन की इस कुंभकर्णी नींद को तोड़ने के लिए अब नागरिकों और व्यापारियों ने खुद मोर्चा संभाल लिया है। बैठक में जहाँ एक ओर मुख्य नगरपालिका अधिकारी को शहर के विकास में हर संभव जन-भागीदारी का भरोसा दिलाया गया, वहीं दूसरी ओर व्यापारी संघ के अध्यक्ष लक्ष्मण गुप्ता ने स्वयं आगे बढ़कर समस्त व्यापारी बंधुओं से अपनी-अपनी दुकानों के सामने अनिवार्य रूप से स्टैंडर्ड साइज के डस्टबिन रखने की पुरजोर अपील की है, ताकि जो काम नगर निगम और प्रशासन के अमले को मुस्तैदी से करना चाहिए था, उसे नागरिक चेतना के जरिए अमलीजामा पहनाया जा सके। अब देखना यह है कि तीखे सवालों और इस सीधी चुनौती के बाद भी शहडोल का प्रशासनिक अमला अपनी सुस्ती छोड़ता है या फिर हमेशा की तरह कागजी आश्वासनों के पीछे छिपने का प्रयास करता है।
