बड़ा आंदोलन करने की दी चेतावनी,डॉक्टरों की मनमानी और धूल खा रही सोनोग्राफी-एक्सरे मशीनों को लेकर प्रशासन को घेरा,अफसरों को सौंपा ज्ञापन
Junaid Khan - शहडोल। क्षेत्रीय पशु चिकित्सालय शहडोल इन दिनों खुद गंभीर बीमारी से ग्रसित नजर आ रहा है, जहाँ मूक पशुओं का इलाज तो दूर, पशुपालकों को सिर्फ निराशा और अव्यवस्थाओं की मार झेलनी पड़ रही है। इस बदहाल प्रशासनिक ढर्रे के खिलाफ और मूक बेजुबानों के हक के लिए युवा कांग्रेस ने सीधे तौर पर जिम्मेदारों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जयसिंहनगर विधानसभा युवा कांग्रेस अध्यक्ष शेख शाजिल (सनी) के नेतृत्व में एवं युवा कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष सोहागपुर प्रियांशु चौबे (सोनू) की अध्यक्षता में आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने क्षेत्रीय पशु चिकित्सालय में व्याप्त गहरे भ्रष्टाचार, लापरवाही और बदइंतजामी को लेकर संबंधित उच्च अधिकारियों को एक तीखा ज्ञापन सौंपा। युवा कांग्रेस ने साफ लहजे में चेतावनी दी है कि यदि पशु चिकित्सालय की चरमरा चुकी स्वास्थ्य व्यवस्था में तत्काल सुधार नहीं किया गया और मूक पशुओं के जीवन से खिलवाड़ बंद नहीं हुआ, तो संगठन उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।
लाखों की मशीनें खा रहीं धूल,दवाइयों के नाम पर सिर्फ औपचारिकता
प्रशासनिक दावों की पोल खोलती इस ग्राउंड रिपोर्ट में ज्ञापन के माध्यम से गंभीर आरोप लगाए गए हैं कि करोड़ों की लागत से बने इस अस्पताल में चिकित्सकों और अधीनस्थ कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति महज़ कागजों तक सीमित रह गई है। ड्यूटी के समय पर डॉक्टरों का गायब रहना और अपनी मनमानी चलाना यहाँ की स्थायी नियति बन चुका है, जिसके चलते दूर-दराज के ग्रामीण अंचलों से आने वाले गरीब पशुपालकों को भारी मानसिक और आर्थिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है। सबसे शर्मनाक स्थिति यह है कि अस्पताल में जीवनरक्षक और आवश्यक दवाइयों का अकाल पड़ा हुआ है। मूक पशुओं के गंभीर रोगों की जांच के लिए आई आधुनिक सोनोग्राफी और एक्स-रे मशीनें जिम्मेदारों की लापरवाही के कारण कबाड़ में तब्दील हो रही हैं और धूल खा रही हैं। उपचार के लिए जरूरी बुनियादी उपकरणों के अभाव ने इस पशु चिकित्सालय को महज़ एक 'रेफ़रल सेंटर' बनाकर छोड़ दिया है, जहाँ मूक पशुओं को भगवान भरोसे छोड़ दिया जाता है।
वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एक सुर में भरी हुंकार
जनता और पशुपालकों की इस जमीनी समस्या को लेकर युवा कांग्रेस के तेवर बेहद आक्रामक नजर आए। इस दौरान व्यवस्था परिवर्तन और जिम्मेदारों की जवाबदेही तय करने की मांग को लेकर युवा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मुशरन खान, इमरान खान, शिवराज वर्मा, सत्यम कुशवाहा, नियाज खान, जाहिद खान, अकलक खान, हनी अरोड़ा, अनमोल, शुभी तिवारी, राज, शिवम, दीपांशु चतुर्वेदी, नितिन, समीर, हुसैन अली, फैजान खान, राज वर्मा, सत्यम प्रजापति, अनुज सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और आक्रोशित कार्यकर्ता उपस्थित रहे। युवा नेतृत्व ने स्पष्ट किया कि प्रशासन अपनी कुंभकर्णी नींद से जागे, क्योंकि अब मूक पशुओं के हक पर डाका डालने वाले अधिकारियों और डॉक्टरों की तानाशाही को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

