मेलोडी की मिठास में पेट्रोल के 'कड़वे' दाम,युवा कांग्रेस का अनोखा प्रदर्शन,मोदी है तो मुमकिन है' के तंज से हिली सत्ता

मेलोडी की मिठास में पेट्रोल के 'कड़वे' दाम,युवा कांग्रेस का अनोखा प्रदर्शन,मोदी है तो मुमकिन है' के तंज से हिली सत्ता


Junaid Khan - शहडोल। ईंधन की आसमान छूती कीमतों और चौतरफा मार करती महंगाई के खिलाफ अब जनता का आक्रोश सड़कों पर उतरने लगा है। जिला मुख्यालय के एक पेट्रोल पंप पर उस समय अजीबो-गरीब और बेहद तीखी सियासी स्थिति निर्मित हो गई, जब युवा कांग्रेस ने पेट्रोल-डीजल के बेतहाशा बढ़ते दामों के विरोध में उपभोक्ताओं को 'मेलोडी' टॉफी खिलाकर एक बड़े और सांकेतिक आंदोलन का शंखनाद कर दिया। इस दौरान लाउडस्पीकर पर बजते 'मोदी है तो मुमकिन है' के चुनावी तराने ने सत्तासीनों और प्रशासनिक अमले को इस कदर असहज किया कि वहां मौजूद हर शख्स इस गहरे व्यंग्य को समझने पर मजबूर हो गया। अखबार में पूर्व में प्रकाशित जनहित की खबरों का असर आज साफ दिखाई दिया, जिसने सोए हुए सिस्टम को झकझोर कर रख दिया है। यह प्रदर्शन केवल एक विरोध नहीं, बल्कि उस तानाशाही और जनविरोधी नीतियों को सीधी चुनौती है जो आम जनता की जेब पर सरेआम डाका डाल रही हैं। इस हाई-प्रोफाइल विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और रणनीतिकारों ने प्रशासनिक रीढ़ को चुनौती देते हुए अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम में मुख्य रूप से कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष श्री आजाद बहादुर सिंह, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नरेंद्र मरावी, युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष अनुपम गौतम, प्रदेश सचिव अभिषेक शुक्ला, विधानसभा अध्यक्ष शेख साजिल सहित सोनू चौबे और इमरान जैसे कद्दावर नेता भारी संख्या में आक्रोशित कार्यकर्ताओं के साथ डटे रहे। युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष अनुपम गौतम के कड़े और स्पष्ट निर्देशानुसार मोर्चा संभालते हुए फैज़ खान, सैयद जुहैब, इकराम, आदित्य गुप्ता, बंटी महतो, विक्की पटेल, अनुज कोरी, अनस, राशिफ और आमिर सहित दर्जनों युवाओं ने आमजन के बीच जाकर सरकार की विफलता का 'मेलोडी' रूपी कड़वा सच बांटा। युवा नेताओं ने दोटूक शब्दों में प्रशासनिक और शासकीय तंत्र को ललकारते हुए कहा कि पेट्रोल और डीजल के दामों में की जा रही यह अनियंत्रित वृद्धि सीधे तौर पर आम आदमी की रीढ़ तोड़ने की साजिश है। इसका सीधा और घातक असर परिवहन, आवश्यक खाद्य सामग्री और दैनिक जीवन की बुनियादी जरूरतों पर पड़ रहा है, जिससे हर परिवार का बजट पूरी तरह से ध्वस्त हो चुका है। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि इस गंभीर और संवेदनशील मुद्दे पर सरकार को अपनी जवाबदेही तय करनी होगी। जनता को राहत देने के लिए तत्काल ठोस कदम उठाए जाएं, अन्यथा यह सांकेतिक चिंगारी आने वाले दिनों में उग्र जन-आंदोलन का रूप लेगी। इस दौरान उपस्थित आम नागरिकों ने भी पेट्रोल-डीजल की बेलगाम कीमतों पर अपनी गहरी चिंता व्यक्त करते हुए जनहित के इस मुद्दे को और उग्र तरीके से उठाने की मांग का पुरजोर समर्थन किया।

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