न्यू गांधी चौक से कोतवाली तक AIMIM संगठन के नेतृत्व में निकला विशाल शांतिपूर्ण कैंडल मार्च; लाखों छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ पर युवाओं का फूटा आक्रोश
Junaid Khan - शहडोल। देश भर में लगातार चरमराती शिक्षा व्यवस्था, व्यापमं जैसी धांधलियों और NEET परीक्षा में लगातार हो रहे पेपर लीक के प्रकरणों ने देश के लाखों होनहार विद्यार्थियों के भविष्य को अंधकार में धकेल दिया है। निकम्मेपन और प्रशासनिक लापरवाही की इंतहा के खिलाफ आज शाहडोल की धरती पर युवाओं और नन्हे-मुन्ने बच्चों का ऐतिहासिक आक्रोश देखने को मिला। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) जिला शाहडोल के बैनर तले आज शाम न्यू गांधी चौक में एकत्र होकर सैकड़ों युवाओं, बालिकाओं और छोटे-छोटे बच्चों ने अपने हाथों में जलती हुई मोमबत्तियां थामकर प्रशासनिक तंत्र और भ्रष्ट व्यवस्था के खिलाफ एक मिसाल कायम की। न्यू गांधी चौक से प्रारंभ होकर कोतवाली मार्ग तक निकला यह कैंडल मार्च पूरी तरह अनुशासित, गरिमामय और शांतिपूर्ण रहा, जिसने शहरवासियों का दिल जीत लिया और सोए हुए प्रशासन की आंखों में सीधे सवाल दाग दिए कि आखिर कब तक छात्रों के भविष्य का सौदा होता रहेगा? प्रशासनिक अव्यवस्थाओं और पेपर लीक माफिया के खिलाफ इस विरोध प्रदर्शन में संगठन की दूरदर्शिता और जनहित के प्रति समर्पण की चौतरफा सराहना हो रही है। जहां एक ओर देश की जिम्मेदार संस्थाएं छात्रों की पुकार सुनने में नाकाम साबित हो रही हैं, वहीं AIMIM शाहडोल इकाई ने इस गंभीर मुद्दे को प्रमुखता से उठाकर छात्र हित में अपनी अडिग प्रतिबद्धता साबित की है। सबसे खास और दिल को छू लेने वाला पहलू यह रहा कि इस कैंडल मार्च में केवल युवा ही नहीं, बल्कि छोटे-छोटे मासूम बच्चे और बालिकाएं भी अपनी कलम और किताबों की सुरक्षा के लिए हाथों में मोमबत्तियां लिए सड़कों पर उतरे। इन नन्हे बच्चों की आंखों में अपना भविष्य बचाने की चिंता और चेहरे पर व्यवस्था के खिलाफ जलती मशाल जैसी जिजीविषा देखकर हर कोई स्तब्ध रह गया। इन बच्चों और युवाओं का अनुशासित रवैया यह बयां कर रहा था कि वे हिंसा नहीं, बल्कि अपने अधिकारों और न्याय की लड़ाई शांतिपूर्ण ढंग से लड़ना जानते हैं। कार्यक्रम का आयोजन जिला प्रभारी मोहम्मद यासीन खान के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शिक्षा व्यवस्था में जारी यह अंधेरगर्दी और लगातार पेपर लीक होना लाखों मध्यवर्गीय परिवारों के बच्चों के सपनों की हत्या करने जैसा है, जिसे AIMIM कभी बर्दाश्त नहीं करेगी। इस गरिमामय एवं शांतिपूर्ण प्रदर्शन को सफल बनाने में संगठन के निष्ठावान कार्यकर्ताओं, युवाओं और नौनिहालों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
प्रदर्शन में उपस्थित प्रमुख चेहरे व युवा साथी
इस ऐतिहासिक कैंडल मार्च को सफल बनाने में मुख्य रूप से मोहम्मद यासीन खान, साजन खान, जीशान खान, रहमान खान, सद्दाम खान, सादिक खान, राशिद खान,यासिफ खान, दानिश खान, अरबाब खान, नूर खान, कादिर खान, तालिब खान, अल्ताफ खान, अतऊर रहमान, दिलशाद खान, रेहान खान, नावेद खान, अरबाज खान, आकिब खान, आसिम खान, जुनैद उस्मानी, कैफ सिद्दीकी, अयान खान के साथ-साथ बेटियों एवं महिलाओं की ओर से फरहाद खान, फिजा खान, एनी खान (असबा), शाहिना बेगम, अनाम खान, बुशरा खान, एनी फातिमा, फातिमा हुसैन, तानिया खान एवं जोया खान ने अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई और पूरी मुस्तैदी से अपनी आवाज बुलंद की।
