वन संरक्षण में जनजातीय समुदाय का अहम योगदान- कमिश्नर

वन अधिकार अधिनियम अंतर्गत आयोजित हुई एक दिवसीय कार्यशाला



Junaid Khan - शहडोल। 11 जून 2026- कमिश्नर शहडोल संभाग श्रीमती सुरभि गुप्ता ने वन अधिकार अधिनियम 2006 के अंतर्गत आयोजित संभाग स्तरीय कार्यशाला का शुभारंभ किया।

कमिश्नर ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि वन के संरक्षण में जनजातीय समुदाय के लोगों और वनवासियों का अहम योगदान है। उन्होंने कहा कि वन अधिकार अधिनियम 2006 यह कानून वन क्षेत्रों में रहने वाले जनजातीय समुदाय के लोगों और अन्य पारंपरिक वनवासियों के अधिकारों को मान्यता देने के लिए बनाया गया था। उन्होंने कहा कि इस अधिनियम के तहत व्यक्तिगत वन अधिकार, सामुदायिक वन अधिकार,लघु वनोपज पर अधिकार जैसे अन्य महत्वपूर्ण अधिकार दिए गए है, इन अधिकारों के प्रति लोगों को जागरूक करना और उनका अधिकार देना हम सब का दायित्व है जिससे वे सशक्त और जागरूक हो सके। कार्यशाला को सी.सी. एफ. वनवृत्त शहडोल श्री महेंद्र प्रताप सिंह ने भी संबोधित किया। कार्यशाला में वन अधिकार अधिनियम के विशेषज्ञ डॉ. शरद चंद्र लेले ने वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत प्रदत्त अधिकारो के बारे में भी विस्तृत जानकारियो से अवगत कराया एवं उपस्थित अधिकारियों ने अपने अपने प्रश्न भी पूछे जिसका जवाब विशेषज्ञ द्वारा दिया गया। कलेक्टर शहडोल डॉ.केदार सिंह, कलेक्टर अनूपपुर श्री हर्षल पंचोली, कलेक्टर उमरिया श्रीमती राखी सहाय, तीनों जिलों के डीएफओ, उपायुक्त जनजातीय कार्य विभाग श्री जेपी यादव, तीनों जिलों के सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग, संभाग के समस्त एसडीएम, तथा अनुविभागीय अधिकारी वन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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