कलेक्टर बंगले के पास 3.50 करोड़ से आकार लेगा अत्याधुनिक 'विंडसर' मार्केट, जिला प्रशासन की दूरदर्शी पहल
Junaid Khan - शहडोल। महिला सशक्तिकरण और जमीनी स्तर पर आर्थिक आत्मनिर्भरता को नई ऊंचाई देने के लिए शहडोल जिला प्रशासन ने एक अत्यंत महत्वाकांक्षी और ऐतिहासिक कदम उठाया है। कलेक्टर डॉ. केदार सिंह की अनूठी दूरदर्शिता और संवेदनशील नेतृत्व के चलते शहर के सबसे वीआईपी इलाके में, कलेक्टर निवास के समीप स्थित पुराने आरटीओ कार्यालय की बेशकीमती एक एकड़ भूमि पर लगभग 3.50 करोड़ रुपए की भारी-भरकम लागत से एक अत्याधुनिक और सर्वसुविधायुक्त विशेष व्यावसायिक परिसर (मार्केट) का निर्माण होने जा रहा है। जिला प्रशासन की यह पहल न केवल शहडोल बल्कि पूरे संभाग के लिए नजीर बनने वाली है, जहां पहली बार जिला प्रशासन ने महिला स्व-सहायता समूहों (SHGs) को मुख्यधारा के व्यापार से जोड़ने के लिए इतनी बड़ी कार्ययोजना को अमलीजामा पहनाया है। इस अनूठे प्रोजेक्ट से ग्रामीण और शहरी अंचलों की महिलाओं के हुनर को अब सीधे बाजार और सम्मानजनक मुकाम मिल सकेगा, जो प्रशासन के 'लोकल फॉर वोकल' और महिला उत्थान के संकल्प को पूरी तरह चरितार्थ करता है। अत्याधुनिक डिजाइन और सुगम आवागमन पर विशेष फोकस इस विशेष सर्वसुविधायुक्त कॉम्प्लेक्स की सबसे बड़ी खासियत इसकी प्लानिंग और भव्य डिजाइन है। प्रशासनिक अधिकारियों ने इस बात का विशेष ध्यान रखा है कि यहां आने वाले आगंतुकों और महिला व्यापारियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। इसके लिए परिसर का मुख्य प्रवेश द्वार झूलापुल रोड की ओर रखा जाएगा, जिससे ट्रैफिक का दबाव संतुलित रहेगा और आवागमन बेहद सुगम और सुरक्षित रहेगा। प्रारंभिक ब्लूप्रिंट और लेआउट तैयार कर लिया गया है, और निर्माण कार्य को धरातल पर उतारने के लिए आवश्यक सभी औपचारिकताएं और तकनीकी स्वीकृतियां जिला प्रशासन द्वारा युद्ध स्तर पर पूरी की जा रही हैं। परिसर के भीतर करीब 32 अत्याधुनिक दुकानों का निर्माण किया जाएगा, जो महिला स्व-सहायता समूहों को पूरी तरह नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी। यहां महिलाएं अपने हस्तशिल्प, आर्गेनिक खाद्य उत्पाद, पारंपरिक कलाकृतियां, घरेलू सामग्री और अन्य स्थानीय उत्पादों की सीधी बिक्री कर सकेंगी, जिससे बिचौलियों का राज खत्म होगा और शुद्ध मुनाफा सीधे उनके खातों में जाएगा। केवल बाजार नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण का महाकेंद्र बनेगा यह परिसर प्रशासन की इस दूरगामी सोच की सराहना इसलिए भी चौतरफा हो रही है क्योंकि यह परिसर सिर्फ एक पारंपरिक बाजार तक सीमित नहीं रहेगा। कलेक्टर डॉ. केदार सिंह के विजन के अनुसार, इसे जिला स्तर पर महिला सशक्तिकरण, कौशल उन्नयन और सामाजिक-आर्थिक गतिविधियों के एक 'महाकेंद्र' (हब) के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां भव्य प्रदर्शनी हॉल, आधुनिक प्रशिक्षण कक्ष और महिलाओं से जुड़े विभिन्न रचनात्मक व सांस्कृतिक आयोजनों के लिए विशेष स्थान आरक्षित रहेगा। मार्केट के आत्मनिर्भर संचालन (सस्टेनेबिलिटी) के लिए भी प्रशासन ने मास्टरस्ट्रोक खेला है; मुख्य परिसर के अतिरिक्त मेन रोड फ्रंट एरिया में चार व्यावसायिक दुकानें बनाई जाएंगी, जिन्हें किराए पर देकर मिलने वाली आय से पूरे परिसर के वर्ल्ड-क्लास मेंटेनेंस, सुरक्षा और साफ-सफाई की स्थायी वित्तीय व्यवस्था सुनिश्चित होगी। प्रशासनिक इच्छाशक्ति और बेहतर प्रबंधन का यह बेजोड़ उदाहरण शहडोल की बेटियों और महिलाओं की प्रतिभा को एक व्यापक राष्ट्रीय पहचान दिलाने में मील का पत्थर साबित होने जा रहा है।
कलेक्टर डॉ. केदार सिंह की सोच को सलाम
यह परिसर केवल दुकानों का ढांचा नहीं, बल्कि शहडोल की महिलाओं के सपनों को उड़ान देने वाला एक जीवंत मंच बनेगा। यहां महिलाओं को न केवल अपनी प्रतिभा और उत्पादों के विपणन का अवसर मिलेगा, बल्कि यह उनके सामाजिक-आर्थिक स्वाभिमान का प्रतीक बनेगा। प्रशासन हर कदम पर जिले की आधी आबादी के साथ मुस्तैदी से खड़ा है।
