अल्प कार्यकाल में अनियमितताओं और अवैध निर्माणों पर कार्रवाई के बाद हटाए जाने पर फूटा आक्रोश; कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर आदेश निरस्त करने और उच्च स्तरीय जांच की उठी मांग
Junaid Khan - शहडोल। शहडोल नगर पालिका की मुख्य नगरपालिका अधिकारी (सीएमओ) आशा भंडारी के बेहद अल्प समय में किए गए अचानक तबादले ने जिले के प्रशासनिक और राजनैतिक गलियारों में एक नया भूचाल ला दिया है। प्रशासनिक हल्कों में इस अप्रत्याशित फेरबदल को लेकर जहां तरह-तरह की चर्चाएं आम हैं, वहीं राजनैतिक और सामाजिक संगठनों ने भी इस पर सीधे सवाल खड़े करने शुरू कर दिए हैं। इसी कड़ी में आम आदमी पार्टी (आप) ने इस आकस्मिक तबादले को पूरी तरह से राजनैतिक दबाव का नतीजा करार देते हुए इसके खिलाफ पुरजोर विरोध दर्ज कराया है। पार्टी के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने सीधे जिला कलेक्टर से मुलाकात कर उन्हें एक तीखा ज्ञापन सौंपा है। सौंपे गए ज्ञापन में न केवल इस स्थानांतरण आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की पुरजोर मांग की गई है, बल्कि इस पूरे घटनाक्रम के पीछे की कड़ियों को उजागर करने के लिए एक उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग भी उठाई गई है, जिससे पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
इतिहास में पहली बार मिली थी महिला सीएमओ, प्रशासनिक पारदर्शिता और सुशासन की उम्मीदों को लगा बड़ा झटका
विपक्ष और स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों का कहना है कि शहडोल नगर पालिका के पूरे इतिहास में यह पहली बार हुआ था जब किसी महिला मुख्य नगरपालिका अधिकारी की पदस्थापना की गई थी। आशा भंडारी की इस नियुक्ति से आम जनता के बीच प्रशासनिक पारदर्शिता, कार्यप्रणाली में सुधार और सुशासन की एक नई उम्मीद जागी थी। अपनी ईमानदारी और कड़क मिजाज छवि के लिए जानी जाने वाली महिला सीएमओ ने कार्यभार संभालते ही नगर पालिका के भीतर वर्षों से जड़े जमाए बैठे भ्रष्टाचार के तंत्र पर सीधा प्रहार करना शुरू कर दिया था। उनके अल्प कार्यकाल के दौरान लिए गए कड़े फैसलों ने भ्रष्ट तत्वों की नींद उड़ा दी थी, लेकिन इससे पहले कि वह व्यवस्था को पूरी तरह पटरी पर ला पातीं, अचानक आए इस स्थानांतरण आदेश ने सुशासन के दावों की हवा निकाल दी है।
अवैध निर्माणों और फाइलों पर शुरू हुई थी कार्रवाई, राजनैतिक आकाओं के दबाव में बलि चढ़ाने का सीधा आरोप
इस पूरे राजनैतिक और प्रशासनिक घटनाक्रम में सबसे बड़ा और गंभीर 'मसाला' तब सामने आया जब विपक्षी दलों ने सीधे आरोप लगाया कि यह सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि 'राजनैतिक रंजिश' का नतीजा है। आरोप है कि महिला सीएमओ ने अपने छोटे से सेवाकाल में नगर पालिका के भीतर व्याप्त गंभीर वित्तीय अनियमितताओं, रसूखदारों के अवैध निर्माणों और भ्रष्टाचार के कई पुराने व ठंडे बस्ते में पड़े मामलों पर विधिवत फाइलें खोलकर सख्त दंडात्मक कार्रवाई शुरू कर दी थी। इस कार्रवाई से बौखलाए कुछ स्थानीय राजनैतिक आकाओं और भू-माफियाओं ने अपनी गर्दन फंसती देख ऊपरी स्तर पर भारी राजनैतिक दबाव बनाया, जिसके चलते जनहित को दरकिनार कर यह तबादला कराया गया। कलेक्टर कार्यालय में ज्ञापन सौंपने के दौरान आम आदमी पार्टी के प्रदेश सचिव शक्ति सिंह चंदेल के साथ भारी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और जागरूक नागरिक उपस्थित रहे। उन्होंने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि इस ईमानदार अधिकारी का तबादला वापस नहीं लिया गया और शहडोल नगर पालिका को भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ाया गया, तो आने वाले दिनों में जनता को साथ लेकर सड़कों पर एक बड़ा उग्र आंदोलन खड़ा किया जाएगा।
