जयसिंहनगर में खाकी पस्त, चोर मस्त,कनाड़ी खुर्द में सोते परिवार को बंधक बना लाखों की डकैती,बेखौफ बदमाशों ने पुलिसिया गश्त की फूंक दी हवा

जयसिंहनगर में खाकी पस्त, चोर मस्त,कनाड़ी खुर्द में सोते परिवार को बंधक बना लाखों की डकैती,बेखौफ बदमाशों ने पुलिसिया गश्त की फूंक दी हवा


Junaid Khan - शहडोल। संभाग के जयसिंहनगर थाना अंतर्गत कनाड़ी खुर्द गांव में कानून-व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए बेखौफ बदमाशों ने दुस्साहस की सारी हदें पार कर दी हैं। क्षेत्र में पुलिसिया गश्त के खोखले दावों के बीच, अपराधियों ने एक बार फिर खाकी को सीधी चुनौती दी है। बीती रात जब भीषण गर्मी के कारण पीड़ित किसान कुंजबिहारी गुप्ता का पूरा परिवार बेफिक्र होकर घर के आंगन में सो रहा था, तभी घात लगाए बैठे शातिर चोरों ने इस सन्नाटे का फायदा उठाया। बदमाशों ने सबसे पहले मुख्य चैनल गेट का ताला चटकाया और फिर एक-एक कर अंदरूनी कमरों के दरवाजों के ताले तोड़कर भीतर दाखिल हो गए। अलमारियों और लॉकरों को खंगालते हुए अपराधियों ने किसान की मेहनत की कमाई, जिसमें खेती-किसानी और आगामी कृषि कार्यों के लिए रखी भारी नकदी समेत लाखों रुपए के सोने-चांदी के जेवरात शामिल थे, उस पर पूरी तरह से हाथ साफ कर दिया। सुबह जब नींद खुली तो घर के भीतर का मंजर देख परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई; पूरा सामान अस्त-व्यस्त पड़ा था और संदूक खाली हो चुके थे। अपराधियों के हौसले इतने बुलंद थे कि वे वारदात में इस्तेमाल किए गए औजार भी आंगन में ही फेंक गए, जो सीधे तौर पर स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली और उसकी सुस्त गश्त को मुंह चिढ़ा रहे हैं।

इस सनसनीखेज वारदात ने जयसिंहनगर पुलिस की मुस्तैदी और कानून के इकबाल पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। घटना की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी अजय कुमार बैगा दलबल के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला तो दर्ज कर लिया है, लेकिन ग्रामीण अंचलों में सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। पीड़ित किसान ने रोते हुए बताया कि डकैती गई राशि केवल धन नहीं, बल्कि आने वाली फसल और परिवार के अस्तित्व की पूंजी थी, जिसे बदमाशों ने पल भर में लूट लिया। कनाड़ी खुर्द और आसपास के गांवों में इस बड़ी वारदात के बाद से ग्रामीणों में भारी आक्रोश और असुरक्षा की भावना व्याप्त है। स्थानीय नागरिकों का साफ कहना है कि यदि पुलिस केवल कागजी गश्त और खानापूर्ति बंद कर धरातल पर अपराधियों के खिलाफ कड़े कदम नहीं उठाती, तो जनता सड़कों पर उतरने को मजबूर होगी। अब देखना यह है कि बेलगाम हो चुके इन शातिर बदमाशों को दबोचकर जयसिंहनगर पुलिस अपनी खोई हुई साख वापस पाती है या फिर यह मामला भी फाइलों में ही दफन होकर रह जाता है।

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