बुलंद हौसले-गश्ती दल को ओवरटेक कर घेरा, वीडियो बनाकर गला दबोचा
Junaid Khan - शहडोल। शहडोल में वन अमले की सुरक्षा को लेकर एक गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जो सीधे तौर पर क्षेत्र में सक्रिय अपराधियों के दुस्साहस और स्थानीय कानून-व्यवस्था की स्थिति पर तीखे सवाल खड़े करता है। कोतवाली शहडोल के अंतर्गत आने वाले सिंहपुर रोड पर तड़के गश्त से लौट रहे वन रक्षकों पर बिना नंबर की पल्सर बाइक पर सवार बदमाशों ने न केवल जानलेवा हमला किया, बल्कि उन्हें सड़क पर घसीटकर जान से मारने की धमकी भी दी। इस दुस्साहसिक वारदात ने यह साफ कर दिया है कि शहडोल में वर्दीधारी सरकारी मुलाजिम भी अब सुरक्षित नहीं हैं, और अपराधी बेखौफ होकर कानून को अपनी जेब में लेकर घूम रहे हैं। घटनाक्रम के अनुसार, वन रक्षक सुरेश कुमार बैगा (पिता श्री गोरेलाल बैगा, उम्र 32 वर्ष, निवासी ग्राम पचडी), जो वर्तमान में वन परिक्षेत्र शहडोल में पदस्थ हैं, अपने साथी वन रक्षक रामकिशोर बैगा के साथ 16 जून की रात को श्रीमान वन मण्डलाधिकारी शहडोल एवं अन्य गश्ती दल के साथ शासकीय रात्रि गश्त पर थे। गश्त खत्म करने के बाद, बुधवार, 17 जून 2026 की सुबह करीब 04:25 बजे जब वे अपनी मोटरसाइकिल से घर लौट रहे थे, तभी सिंहपुर रोड पर गणेश मंदिर के पास काले रंग की बिना नंबर प्लेट वाली पल्सर बाइक पर सवार दो अज्ञात युवकों (उम्र करीब 30-32 वर्ष) ने उनकी गाड़ी को ओवरटेक कर जबरन रोक लिया। शुरुआत में बदमाशों ने बहानेबाजी करते हुए माचिस मांगी। मना करने पर वे सेंट ज्यूस स्कूल की तरफ चले गए, लेकिन कुछ ही पलों में वापस लौट आए। इस बार वे वन रक्षकों का वीडियो बनाने लगे। जब सुरेश और उनके साथी ने इसका विरोध किया और वीडियो बनाने का कारण पूछा, तो बाइक पर पीछे बैठे युवक ने क्रूरता दिखाते हुए वन रक्षक सुरेश का गला दबोच लिया। वहीं, दूसरे आरोपी ने अचानक मोटरसाइकिल की रफ्तार बढ़ा दी, जिससे वन रक्षक को सड़क पर काफी दूर तक घसीटने की कोशिश की गई। इस जानलेवा हमले में सुरेश कुमार बैगा चलती गाड़ी से नीचे गिर गए, जिससे उनके दाहिने हाथ और शरीर के अंदरूनी हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी वन रक्षकों को भद्दी-भद्दी गालियां देते हुए और जान से मारने की धमकी देकर ग्रीन सिटी की तरफ फरार हो गए।
प्रशासन को खुली चुनौती,क्या सीसीटीवी फुटेज खोल पाएगी बिना नंबर की पल्सर का राज?
इस सनसनीखेज वारदात के बाद वन रक्षक सुरेश कुमार बैगा ने अपने विभागीय उच्च अधिकारियों को मामले की सूचना दी, जिसके बाद कोतवाली शहडोल में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए अपराध क्रमांक 0255 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की गंभीर धाराओं 126(2), 296(b), 115(2), 351(3), और 3(5) के तहत मामला पंजीकृत कर लिया है। कार्यवाहक प्रधान आरक्षक आशाराम कुशवाहा को इस मामले की जांच सौंपी गई है, जो उपनिरीक्षक उपेंद्र कुमार त्रिपाठी और थाना प्रभारी निरीक्षक राघवेंद्र तिवारी के मार्गदर्शन में आगे बढ़ेगी। यह घटना सीधे तौर पर शहडोल पुलिस और प्रशासनिक गश्त के दावों को खुली चुनौती देती है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब खुद जिला मुख्यालय के इतने नजदीक सिंहपुर रोड जैसे व्यस्त इलाके में, जहां गणेश मंदिर के पास बाकायदा सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, सरकारी कर्मचारियों पर सुबह-सुबह ऐसा हमला हो सकता है, तो आम जनता की सुरक्षा भगवान भरोसे ही है। बिना नंबर की गाड़ियों से बेखौफ घूम रहे ये अपराधी आखिर किसके संरक्षण में फल-फूल रहे हैं? अब देखना यह है कि पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगालकर इन अज्ञात हमलावरों को कितनी जल्दी सलाखों के पीछे भेजती है या फिर यह मामला भी ठंडे बस्ते के हवाले हो जाएगा।
