CMO का नया फरमान Sanction के बाद हॉस्पिटल नहीं बदलेगा, श्रमिक बोले मरीज की मर्जी खत्म

CMO का नया फरमान Sanction के बाद हॉस्पिटल नहीं बदलेगा, श्रमिक बोले मरीज की मर्जी खत्म


Junaid Khan - शहडोल। SECL सोहागपुर क्षेत्र धनपुरी सेंट्रल हॉस्पिटल के CMO कार्यालय ने 13 जून को नया फरमान आदेश जारी किया है। अब बिलासपुर HQ से Sanction Letter निकलने के बाद इलाज वाले हॉस्पिटल का नाम नहीं बदला जाएगा। Sanction में जो हॉस्पिटल लिखा है, वहीं मरीज को इलाज कराना होगा। मरीज हित प्रभावित होने का डर। श्रमिक साथियों का कहना है कि पहले मरीज डॉक्टर की सलाह और सुविधा के अनुसार हॉस्पिटल चुन लेता था। कभी डॉक्टर का लिखा और Sanction में अंतर हो जाता था तो सुधार के लिए बिलासपुर भेजा जाता था और वहां से सुधर कर आ जाता था नए आदेश से Sanction के बाद कोई सुधार की गुंजाइश नहीं होगा। यूनियन पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि "अब Sanction से पहले और बाद की पूरी पावर CMO ऑफिस के इर्द-गिर्द घुमेगी और जिसकी हॉस्पिटल से सेटिंग होगी, उसी का नाम उसके मन माफिक हास्पीटल के लिए भेजा जाएगा इससे उंचे पहूच वालों की सुनी जाएगी और सिफारिश वालों का बोलबाला हो जाएगा और वगैर सिफारिश वाले मरीजों की परेशानी बढ जायेगी उनकी कोई नही सुनेगा उनको भी अपनी सिफारिश ढूंढने के लिए काफी मशक्कत करना पडेगा तभी काम होगा।डॉक्टर की सलाह गौण। नेताओं का कहना है कि इलाजरत डॉक्टर ही मरीज की बीमारी सबसे बेहतर समझता है। पर अब डॉक्टर की सिफारिश की अनदेखी होगी। इमरजेंसी में अगर Sanction वाला हॉस्पिटल का कागज नही आया अन्तर है और मरीज के लिए ठीक नहीं है तो हास्पीटल चेंज करने की जिम्मेदारी कौन लेगा ये बहुत बडी समस्या होगी।

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