अखबार की मुहिम का बड़ा असर,शादी के सीजन में एक्टिव हुए साइबर ठग, 'निमंत्रण' की आड़ में भेज रहे खतरनाक APK फाइल; पुलिस कप्तान रामजी श्रीवास्तव ने संभाली कमान, जनता से की सावधान रहने की अपील
Junaid Khan - शहडोल। शादी-विवाह के इस पावन सीजन में जहां लोग खुशियों की तैयारियों में मशगूल हैं, वहीं 'डिजिटल डकैतों' का एक बेहद शातिर और अदृश्य गिरोह आपकी जीवनभर की कमाई पर डाका डालने के लिए सक्रिय हो गया है। शहडोल संभाग में लगातार बढ़ती जा रही तकनीकी धोखाधड़ी की घटनाओं और इस संबंध में मीडिया द्वारा प्रखरता से उठाए गए मुद्दों का अब बड़ा असर देखने को मिला है। मामले की गंभीरता को भांपते हुए और क्षेत्र के सजग समाचार पत्रों की रिपोर्टिंग पर त्वरित संज्ञान लेते हुए जिला पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। शहडोल पुलिस कप्तान (SP) रामजी श्रीवास्तव ने जिले की जनता को इस नए और जानलेवा साइबर जाल से बचाने के लिए खुद कमान संभाल ली है और एक बेहद संवेदनशील व विस्तृत 'साइबर एडवायजरी' जारी कर आमजन से बेहद सतर्क रहने की अपील की है।
वेडिंग इन्विटेशन'नहीं,यह तो कंगाल करने वाला'डिजिटल वायरस है
इस पूरे खेल के पीछे साइबर अपराधियों का एक बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है। ठगी का यह नया तरीका बेहद भावनात्मक और भ्रमित करने वाला है। आपके व्हाट्सएप पर किसी बेहद करीबी परिचित या फिर किसी अज्ञात नंबर से एक संदेश आता है, जिसमें लिखा होता है। हमारे यहां शादी में आपको जरूर आना है, नीचे कार्ड संलग्न है। अमूमन लोग उम्मीद करते हैं कि शादी का कार्ड किसी फोटो (Image) या PDF फाइल के रूप में होगा, लेकिन अपराधी यहां चालाकी से "विवाह निमंत्रण.apk" या "Wedding Invitation.apk" नाम से एक फाइल भेजते हैं। पुलिस अधीक्षक के मुताबिक, जैसे ही कोई अनजाने में इस घातक APK फाइल पर क्लिक कर उसे अपने मोबाइल में डाउनलोड और इंस्टॉल करता है, वैसे ही उसके फोन का पूरा रिमोट कंट्रोल और चाबी इन अपराधियों के हाथ में चली जाती है। इसके बाद पीड़ित का मोबाइल सिर्फ एक डिब्बा रह जाता है और पर्दे के पीछे से उसकी बैंकिंग डिटेल्स, UPI पिन, गोपनीय SMS और OTP सीधे हैकर्स के सर्वर पर ट्रांसफर होने लगते हैं।
कंटैक्ट लिस्ट से लेकर सोशल मीडिया तक पर कब्जा,ऐसे बचें इस अदृश्य जाल से
पुलिस प्रशासन द्वारा किए गए तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, इस वायरस के इंस्टॉल होते ही आपके फोन की प्राइवेसी पूरी तरह खत्म हो जाती है। अपराधी न सिर्फ आपके बैंक खाते साफ कर सकते हैं, बल्कि आपकी कंटैक्ट लिस्ट (संपर्क सूची) चुराकर आपके रिश्तेदारों को भी शिकार बना सकते हैं और आपके सोशल मीडिया व व्हाट्सएप अकाउंट का दुरुपयोग कर फिरौती या उधार मांग सकते हैं। इस गंभीर खतरे से निपटने के लिए शहडोल पुलिस ने 'सुरक्षा मंत्र' जारी किया है:
अज्ञात फाइलों को कहें 'ना'किसी भी अज्ञात या संदिग्ध नंबर से आई APK फाइल को भूलकर भी डाउनलोड न करें
क्रॉस-वेरिफिकेशन है जरूरी,अगर किसी परिचित के नंबर से भी ऐसी कोई फाइल आए, तो पहले उन्हें सामान्य कॉल करके इसकी पुष्टि जरूर कर लें कि क्या वाकई उन्होंने ही यह भेजा है। केवल आधिकारिक स्टोर्स का उपयोग: कोई भी ऐप सिर्फ Google Play Store या आधिकारिक स्रोतों से ही इंस्टॉल करें और मोबाइल का एंटी-वायरस हमेशा अपडेट रखें।
गलती हो गई तो क्या करें? तुरंत अपनाएं यह 'इमरजेंसी प्लान'
यदि आपने अनजाने में ऐसी कोई फाइल इंस्टॉल कर ली है, तो बिना एक सेकंड गंवाए अपने मोबाइल का इंटरनेट और वाई-फाई तुरंत बंद कर दें। उस संदिग्ध ऐप को फौरन अनइंस्टॉल करें और अपने सभी वित्तीय व सोशल मीडिया खातों के पासवर्ड बदल डालें। इसके तत्काल बाद भारत सरकार की राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल कर अपनी शिकायत दर्ज कराएं या cybercrime.gov.in पर जाकर रिपोर्ट करें, ताकि समय रहते आपके पैसे को ब्लॉक किया जा सके। पुलिस प्रशासन की यह त्वरित सजगता निश्चित रूप से सराहनीय है, जो अपराधियों के मंसूबों पर पानी फेरने का काम कर रही है।
