आकाशीय आफत से तीन मौतें, प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल

जैतपुर क्षेत्र के 4 गांवों में बिजली का कहर,अस्पताल में डॉक्टर न मिलने से व्यवस्था पर उठे सवाल 


Junaid Khan - शहडोल। जिले के जैतपुर थाना क्षेत्र में रविवार को हुई मूसलाधार बारिश के साथ उतरी आकाशीय बिजली ने ऐसा तांडव मचाया कि पूरा इलाका दहल उठा। क्षेत्र के अलग-अलग चार ग्रामीण अंचलों में गड़गड़ाहट के साथ गिरी मौत की बिजली ने 11 वर्षीय मासूम बालक समेत तीन लोगों की जिंदगी छीन ली, जबकि आधा दर्जन से अधिक ग्रामीण गंभीर रूप से झुलस गए। इस भयानक हादसे के बाद पुलिस और स्थानीय ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए राहत व बचाव कार्य शुरू किया और झुलसे हुए लोगों को आनन-फानन में अस्पताल पहुँचाया। लेकिन इस मानवीय त्रासदी के बीच स्थानीय स्वास्थ्य तंत्र का बेहद अमानवीय और लापरवाह चेहरा एक बार फिर बेनकाब हो गया। झींक बिजुरी क्षेत्र की गंभीर रूप से झुलसी महिला को जब बदहवास परिजन अस्पताल लेकर पहुँचे, तो वहाँ कोई भी जिम्मेदार चिकित्सक (डॉक्टर) मौजूद ही नहीं था! ऐन वक्त पर इलाज न मिलने और चिकित्सकों की गैर-मौजूदगी के कारण मरीज को गंभीर अवस्था में जिला अस्पताल शाहडोल रैफर करना पड़ा, जहाँ परीक्षण के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अगर समय पर स्थानीय स्तर पर इलाज मिल जाता, तो शायद एक जान बचाई जा सकती थी। पुलिस ने सभी मामलों में मर्ग कायम कर आगे की कानूनी जांच व विवेचना शुरू कर दी है। तबाही का सिलसिला झींक बिजुरी चौकी के ग्राम झींक से शुरू हुआ, जहाँ खेत में धान की रोपाई कर रही 26 वर्षीया किशन मेहरा (पति राकेश मेहरा) पर अचानक आकाशीय बिजली आ गिरी। महिला के झुलसते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई और ग्रामीण उसे लेकर तत्काल अस्पताल भागे, लेकिन डॉक्टरों की अनुपलब्धता ने उसकी सांसें तोड़ दीं। दूसरी कालजयी घटना दुलदुला चौकी क्षेत्र के छुटकी टोला में घटी, जहाँ खेत में मुस्तैदी से काम कर रहे 45 वर्षीय सुन्दर पाव पर गाज गिर गई, जिससे उसकी मौके पर ही तड़प-तड़पकर मौत हो गई। इसी घटना में दो अन्य ग्रामीण भी बुरी तरह झुलस गए, जिनका इलाज जारी है। इसी चौकी के रेकोवां गांव में भी बिजली की चपेट में आने से दो लोग गंभीर रूप से झुलसे, हालांकि वे किस्मत वाले रहे और उनकी हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है। वहीं, तीसरी दर्दनाक घटना जैतपुर थाना क्षेत्र के मुसरा गांव में सामने आई, जहाँ अपने घर के बाहर बेफिक्र खड़े 11 वर्षीय मासूम बालक धर्मेंद्र सिंह पर मौत बनकर बिजली गिरी और उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उसे बचाने के प्रयास में उसकी भाभी भी गंभीर रूप से झुलस गईं। जैतपुर थाना प्रभारी जेपी शर्मा ने बताया कि सभी दुखद हादसों में मर्ग कायम कर पुलिस आगे की वैधानिक विवेचना कर रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की यह लचर और लाचार स्थिति अब शासन-प्रशासन की संवेदनहीनता पर बड़े सवाल खड़े कर रही है।

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