शहडोल की कमान फिर आईएएस पार्थ जायसवाल के हाथ

पुराना प्रशासनिक अनुभव बनेगा विकास की धुरी, लापरवाह अमले में मची खलबली


Junaid Khan - शहडोल। मध्यप्रदेश शासन द्वारा प्रशासनिक महकमे में किए गए फेरबदल के बाद वर्ष 2015 बैच के तेजतर्रार और युवा आईएएस अधिकारी पार्थ जायसवाल को शहडोल जिले का नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है। शासन स्तर पर पहले जारी हुई सूची में आंशिक संशोधन करते हुए यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई है। खास बात यह है कि श्री जायसवाल का शहडोल जिले से गहरा और पुराना प्रशासनिक नाता रहा है, वे पूर्व में यहां जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) के रूप में अपनी उत्कृष्ट सेवाएं दे चुके हैं। अपने पिछले कार्यकाल के दौरान उन्होंने जिसॉ दृढ़ इच्छाशक्ति, मैदानी पकड़ और जनहितैषी कार्यशैली का परिचय दिया था, उससे आम जनता और प्रशासनिक हलकों में उनकी एक बेहद कड़क और जुझारू अधिकारी की छवि है।

कलेक्टर के रूप में उनकी इस वापसी से जिले के विकास को एक नई गति मिलने की पूरी उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में कोताही बरतने वाले और अपनी जिम्मेदारियों से मुंह मोड़ने वाले लापरवाह अधिकारियों व कर्मचारियों की अब खैर नहीं होगी। पूर्व में जिला पंचायत सीईओ रहते हुए उन्होंने ग्रामीण विकास, भ्रष्टाचार पर लगाम कसने और योजनाओं को जमीन पर उतारने में जो प्रशासनिक दक्षता दिखाई थी, उससे यह तय माना जा रहा है कि अब सुस्त पड़ी प्रशासनिक व्यवस्था को कड़ी चुनौती मिलने वाली है। शहडोल की भौगोलिक परिस्थितियों, स्थानीय समस्याओं और सामाजिक ताने-बाने की उनकी गहरी समझ का सीधा लाभ जिले के आम नागरिकों को मिलेगा। उनके इस कड़क और दूरदर्शी नेतृत्व से जहां एक ओर विकास कार्यों में तेजी आएगी, वहीं दूसरी ओर जनता के कार्यों में हीला-हवाली करने वाले लापरवाह अमले में अभी से भारी खलबली और हड़कंप मच गया है।

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