ब्यौहारी के सरकारी स्कूल का वीडियो वायरल,शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली और लापरवाह शिक्षकों पर फूटा गुस्सा
Junaid Khan - शहडोल। जिले में शिक्षा का मंदिर कहे जाने वाले शासकीय विद्यालय किस तरह 'शोषण के अड्डे' में तब्दील हो चुके हैं, इसकी एक और बेहद शर्मनाक और सनसनीखेज बानगी ब्यौहारी क्षेत्र से सामने आई है। शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की लचर मॉनिटरिंग और लापरवाह शिक्षकों की तानाशाही के चलते मासूम नौनिहालों के भविष्य के साथ सरेआम खिलवाड़ किया जा रहा है। ब्यौहारी के एक शासकीय प्राथमिक विद्यालय का वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह वायरल हो रहा है, जिसमें स्कूल के मासूम छात्र विद्यालय परिसर में झाड़ू लगाते और स्कूल का गेट खोलते हुए साफ नजर आ रहे हैं। इस अमानवीय और गैर-जिम्मेदाराना कृत्य ने शिक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। स्थानीय छात्रों और पालकों का गंभीर आरोप है कि इन लापरवाह शिक्षकों द्वारा बच्चों से नियमित रूप से स्कूल की साफ-सफाई, झाड़ू लगवाने और गेट खुलवाने जैसे काम कराए जाते हैं, जबकि खुद ये तथाकथित गुरुजी निर्धारित समय से काफी देर से विद्यालय पहुंचते हैं जिससे बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह चौपट हो रही है।
शिक्षा विभाग के इन भ्रष्ट और लापरवाह शिक्षकों की मनमानी यहीं नहीं रुकती; क्षेत्र के लोगों का कहना है कि इसके पहले जयसिंहनगर के एक सरकारी स्कूल का भी ऐसा ही वीडियो सामने आया था, जो यह साबित करने के लिए काफी है कि जिलेभर के सरकारी स्कूलों में अनुशासन नाम की कोई चीज नहीं बची है। शिक्षक खुद शिक्षा दान देने के बजाय बच्चों से मजदूरी और सफाई का काम करवा रहे हैं, जिससे पालकों में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच कराकर बच्चों से काम कराने वाले ऐसे अयोग्य और लापरवाह शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड (निलंबित) करने की पुरजोर मांग की है। हालांकि, हर बार की तरह शिक्षा विभाग के अधिकारी इस मामले में भी केवल 'जांच कराने की बात' कहकर लीपापोती करने में जुटे हैं। यदि ऐसे लापरवाह शिक्षकों पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में जनता का गुस्सा सड़कों पर फूटेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग की होगी।
