कड़े तेवरों के साथ दिए सुदृढ़ पुलिसिंग के निर्देश,कानून व्यवस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं,पुलिस अधीक्षक ने रिकॉर्ड से लेकर मालखाने तक को खंगाला, बेहतर कार्यप्रणाली की थपथपाई पीठ
Junaid Khan - शहडोल। जिले की कानून व्यवस्था को और अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने तथा अपराधियों के हौसले पस्त करने के उद्देश्य से शहडोल पुलिस अधीक्षक (एसपी) अचानक फुल एक्शन मोड में नजर आए। प्रशासनिक कसावट और सुदृढ़ पुलिसिंग को धरातल पर उतारने के लिए पुलिस अधीक्षक द्वारा थाना पपौंध का औचक निरीक्षण किया गया। एसपी की इस औचक दबिश से थाना परिसर में हड़कंप का माहौल देखा गया। अपनी चिरपरिचित कड़क कार्यशैली के लिए पहचाने जाने वाले पुलिस अधीक्षक ने निरीक्षण के दौरान बेहद बारीकी और गंभीरता के साथ थाना परिसर में मौजूद हवालात, मालखाना, रिकॉर्ड रूम और सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण सी.सी.टी.वी. कैमरों की कार्यप्रणाली को जांचा। इसके साथ ही थाने में संधारित विभिन्न महत्वपूर्ण रजिस्टरों का अवलोकन किया गया, वहीं किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए थाने पर रखी बलवा ड्रिल सामग्री का भी भौतिक सत्यापन कर उसकी मारक क्षमता को परखा। एसपी ने विशेष रूप से जरायम रजिस्टर व व्ही.सी.एन.वी रजिस्टर की गहनता से पड़ताल की और त्रुटिहीन रिकॉर्ड संधारण पर खुद अपने हाथों से टीप अंकित कर प्रभारियों की सजगता को सराहा। क्षेत्र में शांति व्यवस्था कायम रखने और अपराध मुक्त वातावरण तैयार करने के लिए पुलिस अधीक्षक ने कड़े लहजे में थाना प्रभारी एवं समस्त बीट प्रभारियों को माईक्रोबीट का प्रभावी संचालन करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि इलाके के सूचीबद्ध निगरानी शुदा बदमाशों और गुंडा तत्वों को नियमित रूप से चेक किया जाए और उनकी गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जाए, ताकि आमजन खुद को पूरी तरह सुरक्षित महसूस कर सकें। इसके साथ ही, सामाजिक सरोकार और युवाओं को नशे के चंगुल से बचाने के लिए चलाए जा रहे 'नशे से दूरी है जरूरी 2.0' जनजागरुकता अभियान की समीक्षा की गई। एसपी ने इस अभियान को और अधिक जमीनी और प्रभावी बनाने हेतु समुचित एवं कड़े दिशा-निर्देश जारी किए।
एक संवेदनशील प्रशासनिक प्रमुख का परिचय देते हुए पुलिस अधीक्षक द्वारा ड्यूटी पर उपस्थित अधीनस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों की समस्याओं व सुझावों को बेहद गंभीरतापूर्वक सुना गया। उन्होंने न केवल प्रत्येक जवान को अपनी बात अथवा समस्या बेझिझक रखने का पूरा अवसर प्रदान किया, बल्कि उनके मनोबल को बढ़ाते हुए उनके अच्छे कार्यों की जमकर सराहना भी की। उपस्थित बल से सीधा संवाद स्थापित कर उन्होंने थाना प्रभारियों को स्पष्ट हिदायत दी कि क्षेत्र में बेहतर व सुदृढ़ पुलिसिंग के साथ-साथ पीड़ितों और आमजन हेतु पुलिस की चौबीस घंटे सुलभ उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि जनता का खाकी पर विश्वास और अधिक मजबूत हो सके।
