भोपाल बैठक का असर, शहडोल में जमीयत की बड़ी तैयारी

मदरसों की मजबूती और नई पीढ़ी के संस्कारों पर मंथन, जल्द सजेगी बड़ी बैठक



Junaid Khan - शहडोल। भोपाल।राजधानी भोपाल के ऐतिहासिक जामिया इस्लामिया अरबिया (मस्जिद तर्जुमा वाली) में बीते 16 जुलाई को संपन्न हुई 'राब्ता मदारिस इस्लामिया अरबिया मध्य प्रदेश' की उच्च स्तरीय बैठक के दूरगामी और सकारात्मक परिणाम अब धरातल पर दिखने लगे हैं। इस ऐतिहासिक विमर्श में शहडोल अंचल का गौरवपूर्ण प्रतिनिधित्व करते हुए जमीयत उलेमा-ए-हिंद (शहर शहडोल) के नवनियुक्त ऊर्जावान अध्यक्ष जनाब मोहम्मद जकरिया ने विशेष शिरकत की। भोपाल से बेहद सफल और सकारात्मक विजन के साथ लौटे जकरिया साहब के इस कदम की चौतरफा सराहना हो रही है। उनकी ओर से सूफियान खान ने इस महत्वपूर्ण यात्रा और आगामी कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी मीडिया व आवाम के साथ साझा की है। इस बैठक में शहडोल क्षेत्र के मदरसों को कानूनी, प्रशासनिक और संगठनात्मक रूप से सशक्त व आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई अभूतपूर्व और दूरदर्शी सुझाव पटल पर रखे गए, जिन्हें राज्य स्तर पर बेहद गंभीरता से सराहा गया है। यह पहल निश्चित रूप से अंचल की शैक्षणिक और सामाजिक व्यवस्था को एक नई व मजबूत दिशा प्रदान करेगी। अध्यक्ष जनाब मोहम्मद जकरिया साहब का यह प्रयास न केवल सराहनीय है, बल्कि वर्तमान दौर में कौम और समाज के लिए एक संबल की तरह है। वर्तमान सामाजिक चुनौतियों और भटकाव के दौर के बीच, नई नस्लों के भविष्य को सुरक्षित करने और उन्हें उच्च संस्कारों से सराबोर करने के लिए उनकी यह फिक्र बेहद अनुकरणीय है। जकरिया साहब ने स्पष्ट रूप से रेखांकित किया है कि आज के मौजूदा हालातों में हमारी आने वाली पीढ़ियों को भटकाव से बचाना, उन्हें सही संस्कार देना और दीन की हिफाजत करना हमारी सबसे बड़ी और सामूहिक जिम्मेदारी है। इसके लिए हमारे धार्मिक शिक्षण संस्थानों (मदरसों) का वजूद, उनकी सुरक्षा और उनका व्यवस्थित संचालन बेहद जरूरी है। इस ऐतिहासिक अभियान को धरातल पर उतारने के लिए जनाब मोहम्मद जकरिया साहब के सदर बनने के बाद अब शहडोल में बहुत जल्द पहली बड़ी और निर्णायक बैठक आहूत की जा रही है। सूफियान खान के मुताबिक, इस आगामी बैठक में संगठन के पुनर्गठन और विस्तार को लेकर बड़े फैसले लिए जाएंगे, जिसमें नई ऊर्जा से लबरेज चेहरों को कार्यकारिणी में शामिल किया जा सकता है। इस महामंथन में जमीयत उलेमा के जिला पदाधिकारियों के साथ-साथ शहर के तमाम सम्मानित उलेमा, इमाम, हाफ़िज़ और मुस्लिम समाज के प्रबुद्ध दानिशवरों व जिम्मेदार नेताओं को आमंत्रित किया जा रहा है। कौम के उज्ज्वल भविष्य और अंचल के मदरसों को आधुनिक व सुरक्षित परिवेश देने के इस भगीरथ प्रयास की हर वर्ग द्वारा खुले दिल से तारीफ की जा रही है। सूफियान खान ने अंचल के सभी शिक्षण संस्थानों और कौम के रहनुमाओं से इस बैठक को ऐतिहासिक रूप से कामयाब बनाने के लिए एकजुट होने की अपील की है, जिसकी तारीख और स्थान की घोषणा जल्द ही की जाएगी।

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