रिश्तों को कलंकित करने वाले 'कलयुगी पिता' की घिनौनी करतूत,शहडोल में तार-तार हुई अस्मत, इंसाफ के लिए दर-दर भटकी बेबस किशोरी

शहडोल से भागकर जबलपुर पहुंची पीड़िता ने पुलिस को सौंपा पिता की गंदी हरकतों का 'वीडियो प्रमाण',उम्र से 20 साल बड़े शख्स से जबरन शादी और बर्बरता की दास्तां सुन कांप उठी खाकी


Junaid Khan - शहडोल। जबलपुर समाज में सुरक्षा और भरोसे का सबसे बड़ा स्तंभ माने जाने वाले 'पिता' के रिश्ते को एक कलयुगी बाप ने इस कदर कलंकित किया है कि रूह कांप जाए। शहडोल संभाग में रिश्तों को शर्मसार करने और प्रशासनिक मुस्तैदी के दावों की हवा निकालने वाला एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक नाबालिग बेटी को अपने ही सगे पिता की हवस और प्रताड़ना से बचने के लिए दर-दर की ठोकरें खानी पड़ीं। अपनी अस्मत और जिंदगी बचाने के लिए घर से भागी मासूम जब जबलपुर रेलवे स्टेशन पर बदहवास हालत में मिली, तब जाकर इस खौफनाक दास्तां की परतें खुलीं। रोंगटे खड़े कर देने वाली बात यह है कि पीड़िता ने केवल जुबानी आरोप नहीं लगाए, बल्कि उस दरिंदे पिता की घिनौनी और आपत्तिजनक हरकतों का खुद अपने मोबाइल से बनाया 'वीडियो सबूत' पुलिस के हवाले कर दिया है। यह वीडियो उस व्यवस्था के मुंह पर करारा तमाचा है, जो महिला सुरक्षा के बड़े-बड़े दम भरती है, लेकिन जमीनी हकीकत में बेटियां अपने ही घर में महफूज नहीं हैं।

प्रशासन की नाक के नीचे बाल विवाह और जुल्म का खेल,मां की चुप्पी पर भी उठे गंभीर सवाल 

यह पूरा मामला न केवल एक पिता की दरिंदगी को उजागर करता है, बल्कि स्थानीय महिला एवं बाल विकास विभाग और पुलिसिया खुफिया तंत्र की घोर लापरवाही को भी कटघरे में खड़ा करता है। पीड़िता का आरोप है कि शराब के नशे में धुत होकर पिता लंबे समय से उसके साथ गलत काम करने की कोशिश करता था, और जब उसने इसका विरोध किया तो उसे बेरहमी से पीटा गया। हद तो तब हो गई जब लोकलाज और अपनी करतूतों को दबाने के लिए उस दरिंदे ने अपनी मासूम बेटी की मर्जी के खिलाफ, उसकी उम्र से करीब 20 साल बड़े अधेड़ से उसका जबरन सौदा (शादी) कर दिया। इस पूरे घिनौने कृत्य में मां की भूमिका भी संदिग्ध नजर आ रही है, जिसने लोक-लाज और सामाजिक दबाव का बहाना बनाकर अपनी ही कोख से जनमी बेटी के चीख-पुकार को अनसुना कर दिया। सवाल यह उठता है कि जब क्षेत्र में बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं पर नजर रखने के लिए भारी-भरकम प्रशासनिक अमला तैनात है, तो एक नाबालिग की जबरन शादी इतनी आसानी से कैसे करा दी गई? क्या स्थानीय प्रशासन और पुलिस सोई हुई थी, या फिर जानबूझकर इस जुल्म से आंखें मूंद ली गईं?

कानून और खाकी के सामने बड़ी चुनौती,वीडियो साक्ष्य के बाद अब त्वरित और कठोर कार्रवाई का इंतजार 

फिलहाल जबलपुर रेलवे स्टेशन पर अकेली घूम रही इस पीड़िता को एक संवेदनशील पुलिसकर्मी की नजर पड़ने के बाद महिला थाने और फिर वहां से शेल्टर होम भेजा गया है। शहडोल पुलिस में 10 जुलाई को दर्ज गुमशुदगी के बाद अब पीड़िता को परिजनों और स्थानीय पुलिस के सुपुर्द तो कर दिया गया है, लेकिन असली चुनौती अब शुरू होती है। हालांकि, मामले को दबाने के लिए पीड़िता की मां अब भी इन गंभीर आरोपों को खारिज करते हुए इसे बीमारी और इलाज के बहाने घर से भागने की मनगढ़ंत कहानी बता रही है, लेकिन किशोरी द्वारा सौंपे गए पुख्ता वीडियो साक्ष्य के बाद पुलिस के पास हीलाहवाली का कोई बहाना नहीं बचता। अब यह देखना बेहद अहम होगा कि शहडोल पुलिस इस रक्षक के भेष में भक्षक बने पिता और इस पूरे अपराध में मूकदर्शक बने मददगारों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट (POCSO) और अन्य गंभीर धाराओं के तहत कितनी मुस्तैदी से शिकंजा कसती है। यह मामला शहडोल पुलिस और कानून व्यवस्था के लिए एक खुली चुनौती है कि वे इस पीड़ित बेटी को न्याय दिलाकर समाज में अपराधियों को क्या कड़ा संदेश देते हैं।

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