ब्यौहारी पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल,परिसर में लगे सीसीटीवी में कैद हुई दुस्साहसिक वारदात
Junaid Khan - शहडोल। ब्यौहारी।शहडोल जिले में अवैध रेत कारोबारियों और माफियाओं के हौसले अब इस हद तक बुलंद हो चुके हैं कि उन्हें कानून, प्रशासन और खाकी वर्दी का कोई खौफ नहीं बचा है। रेत माफियाओं ने पुलिस महकमे को सीधी और खुली चुनौती देते हुए सीधे थाने के भीतर से जब्त वाहन ही उड़ा ले जाने की दुस्साहसिक वारदात को अंजाम दे डाला है। ब्यौहारी थाना परिसर में अवैध रेत परिवहन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पुलिस ने ग्राम बराच निवासी पिंटू पांडे एवं डिम्पल पटेल के अलग-अलग दो ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को जब्त कर थाने में खड़ा कराया था, जिनमें एक स्वराज और दूसरा महिंद्रा कंपनी का ट्रैक्टर शामिल था। लेकिन प्रशासनिक सुस्ती और लचर सुरक्षा व्यवस्था का फायदा उठाकर कथित मालिक रात के अंधेरे में थाना परिसर के पिछले हिस्से से चोरी-छिपे दोनों ट्रैक्टर लेकर रफूचक्कर हो गए। हद तो तब हो गई जब थाने जैसी सुरक्षित जगह से वाहन गायब हो गए और ड्यूटी पर तैनात संतरियों व पुलिसकर्मियों को इसकी भनक तक नहीं लगी। इस पूरी घटना ने ब्यौहारी पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था और सतर्कता की पोल खोलकर रख दी है, जिससे यह साफ जाहिर होता है कि यदि थाने के भीतर खड़े जब्त वाहन ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की सुरक्षा का क्या आलम होगा। सूत्रों से मिल रही अंदरखाने की जानकारियां इस मामले को और अधिक संदेहास्पद बना रही हैं। चर्चा है कि इस पूरे सनसनीखेज घटनाक्रम के पीछे रेत कारोबार से जुड़े कथित दलाल 'सिब्बू' की संलिप्तता की भी पूरी चर्चा है, हालांकि पुलिस ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। गनीमत यह रही कि पूरी करतूत थाना परिसर में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों में कैद हो गई, जिससे माफियाओं का यह खेल बेनकाब हो गया। मामला तूल पकड़ने और उच्च स्तर पर हड़कंप मचने के बाद पुलिस हरकत में आई और दोनों ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को बरामद करते हुए संबंधित आरोपियों को हिरासत में लेकर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या बिना अंदरूनी मिलीभगत के कोई भी आम व्यक्ति थाने के अंदर घुसकर जब्त वाहन भगाने का दुस्साहस कर सकता है? इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि ब्यौहारी क्षेत्र में रेत माफियाओं और भ्रष्ट तंत्र की सांठगांठ किस हद तक गहरी हो चुकी है, जिस पर यदि सख्त प्रशासनिक चाबुक नहीं चलाया गया, तो माफियाओं के हौसले कानून को पूरी तरह अपने इशारों पर नचाने लगेंगे।
