नगरीय निकायों के जनप्रतिनिधियों हेतु क्षमता वर्धन कार्यशाला का आयोजन

नगरीय निकायों के जनप्रतिनिधियों हेतु क्षमता वर्धन कार्यशाला का आयोजन



Junaid Khan - शहडोल। दिनांक 22 जुलाई 2026 नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, मध्य प्रदेश शासन के प्रायोजन तथा फीडबैक फाउंडेशन, हरियाणा के आयोजन में आज होटल सूर्य इंटरनेशनल, शहडोल में शहडोल संभाग के नगर पालिका अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, अन्य जनप्रतिनिधियों, मुख्य नगरपालिका अधिकारियों तथा नगरीय निकायों के अधिकारी-कर्मचारियों के लिए क्षमता वर्धन कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में शहडोल संभाग आयुक्त श्रीमती सुरभि गुप्ता, कलेक्टर डॉ. केदार सिंह तथा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री शिवम प्रजापति विशेष रूप से उपस्थित रहे। अतिथियों ने अपने उद्बोधन में स्वच्छ, वैज्ञानिक एवं सतत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को समय की आवश्यकता बताते हुए कहा कि नगरों को स्वच्छ एवं पर्यावरण-अनुकूल बनाने के लिए जनप्रतिनिधियों, प्रशासन और आम नागरिकों की साझा भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। कार्यशाला का उद्देश्य प्रतिभागियों को संशोधित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 तथा माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के संबंध में जारी निर्देशों की विस्तृत जानकारी प्रदान करना तथा नगरों में स्वच्छता, कचरा प्रबंधन एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रभावी कार्ययोजना के निर्माण एवं क्रियान्वयन के प्रति जागरूक करना था। कार्यशाला में विषय विशेषज्ञों द्वारा संशोधित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रमुख प्रावधानों पर विस्तार से जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को बताया गया कि प्रत्येक नगरीय निकाय में स्रोत स्तर पर गीले, सूखे एवं घरेलू खतरनाक कचरे का पृथक्करण, डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) की स्थापना, जैविक कचरे का वैज्ञानिक प्रसंस्करण, एकल उपयोग प्लास्टिक पर प्रभावी नियंत्रण, निर्माण एवं विध्वंस (सी एंड डी) अपशिष्ट का वैज्ञानिक प्रबंधन, विस्तारित उत्पादक उत्तरदायित्व (ईपीआर) तथा बल्क वेस्ट जनरेटर की जिम्मेदारियों के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया गया। विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप सभी नगरीय निकायों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों का कड़ाई से पालन करते हुए वैज्ञानिक एवं पर्यावरण-अनुकूल कचरा प्रबंधन व्यवस्था विकसित करनी होगी। साथ ही जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों की भूमिका, नागरिक सहभागिता, जनजागरूकता अभियान तथा स्वच्छता संबंधी नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तृत चर्चा की गई। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने विभिन्न विषयों पर अपने सुझाव एवं अनुभव साझा किए तथा विशेषज्ञों से व्यावहारिक समस्याओं के समाधान प्राप्त किए। विशेषज्ञों ने नगरों को स्वच्छ, सुंदर एवं पर्यावरण-अनुकूल बनाने के लिए जनप्रतिनिधियों, प्रशासन एवं आम नागरिकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यशाला में शहडोल संभाग के विभिन्न नगरीय निकायों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, जनप्रतिनिधि, मुख्य नगरपालिका अधिकारी, अधिकारी-कर्मचारी एवं संबंधित विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन स्वच्छ, सतत एवं पर्यावरण-अनुकूल नगरीय विकास के लिए सभी हितधारकों द्वारा सामूहिक रूप से कार्य करने के संकल्प के साथ हुआ।

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