शहडोल में सिंघम रिटर्न,राष्ट्रपति पदक विजेता IPS डॉ. संजय कुमार अग्रवाल संभालेंगे कप्तानी

माफियाओं और नशे के सौदागरों में हड़कंप, क्या शहडोल में थमेगा अपराध का ग्राफ?


Junaid Khan - शहडोल। मध्य प्रदेश के प्रशासनिक गलियारे से इस वक्त की सबसे बड़ी और अहम खबर सामने आ रही है। सूबे की सरकार ने कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ और चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए प्रशासनिक सर्जरी करते हुए भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के बेहद कड़क, ईमानदार और जांबाज अधिकारी डॉ. संजय कुमार अग्रवाल को शहडोल जिले का नया पुलिस अधीक्षक (SP) नियुक्त किया है। गृह विभाग द्वारा जारी की गई हालिया तबादला सूची के तहत उन्हें यह बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है, जहां वे निवर्तमान एसपी रामजी श्रीवास्तव का स्थान ग्रहण करेंगे। मूल रूप से मध्य प्रदेश के विदिशा जिले की कृष्णा कॉलोनी के रहने वाले और पेशे से प्रतिष्ठित एडवोकेट (वकील) ओमप्रकाश अग्रवाल के सुपुत्र डॉ. संजय कुमार अग्रवाल ने विदिशा के जैन कॉलेज से अपनी प्रारंभिक उच्च शिक्षा और फिर गवर्नमेंट आयुर्वेदिक कॉलेज से BAMS व M.D. जैसी उच्च चिकित्सा डिग्री हासिल की। डॉक्टरी के पेशे से खाकी का रुख करने वाले डॉ. अग्रवाल 1995 में 'मध्य प्रदेश राज्य पुलिस सेवा' (SPS) के माध्यम से सीधे डिप्टी एसपी (DSP) के पद पर चयनित हुए थे। इसके बाद अपनी उत्कृष्ट, बेदाग और लंबी सेवाओं के दम पर वे प्रमोट होकर 2016 बैच के IPS अधिकारी बने। अपने लंबे और शानदार करियर में उन्होंने सूबे के सबसे चुनौतीपूर्ण और संवेदनशील जिलों जैसे भिण्ड, दतिया, नीमच, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर और शिवपुरी में नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) और SDOP के रूप में अपनी अमिट छाप छोड़ी है। उनकी इसी निष्ठा, कर्तव्यपरायणता और सराहनीय सेवाओं को देखते हुए वर्ष 2020 में उन्हें देश के सर्वोच्च 'राष्ट्रपति पुलिस पदक' से भी नवाजा जा चुका है।

माफियाराज पर कड़े प्रहार का ट्रैक रिकॉर्ड,अब शहडोल के अवैध कारोबारियों की खैर नहीं,क्या 'सेट' होगा सिस्टम या चलेगा कानून का डंडा?

डॉ. संजय कुमार अग्रवाल का पिछला रिकॉर्ड गवाह है कि वे जहां भी रहे, वहां उन्होंने अपराधियों, अवैध कारोबारियों, रेत-जुआ-सट्टा माफियाओं और गुंडों के पसीने छुड़ा दिए और बड़े-बड़ों को पानी पिला दिया। उनकी इसी साख के कारण अब शहडोल जिले की जनता में जहां एक बड़ी उम्मीद जागी है, वहीं आपराधिक तत्वों और नशे के सौदागरों के खेमे में भारी हड़कंप मच गया है। जिले की कप्तानी संभालते ही नए एसपी के सामने शहडोल में पैर पसार रहे नशे के कारोबार, अवैध उत्खनन और कानून व्यवस्था को पटरी पर लाने की सबसे बड़ी चुनौती होगी। अब देखना यह बेहद दिलचस्प और अहम होगा कि जिस तरह डॉ. अग्रवाल ने अपने पिछले कड़े तेवरों से बड़े-बड़े सूरमाओं को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया था, क्या वैसी ही सख्त नकेल वे शहडोल के अपराधियों पर भी कस पाएंगे? क्या जिले में सालों से जड़ें जमाए बैठे अवैध कारोबारी और माफिया सलाखों के पीछे होंगे, या फिर हमेशा की तरह सब कुछ 'पहले जैसा ही सेट' होकर ढर्रे पर चलता रहेगा? बहरहाल, एक राष्ट्रपति पदक विजेता और बेहद तजुर्बेकार सिंघम छवि के अधिकारी के आगमन से जिलेवासियों को पूर्ण विश्वास और उम्मीद है कि शहडोल में अब कड़े से कड़े कदम उठाए जाएंगे, जिससे समूचा माफियाराज और नशे का नेटवर्क पूरी तरह जमींदोज हो जाएगा।

Previous Post Next Post