प्रशासन की ताबड़तोड़ कार्रवाई से हड़कंप; CMHO और खाद्य सुरक्षा टीम ने दी चेतावनी लापरवाही की तो सीधे होगी कानूनी कार्रवाई
Junaid Khan - शहडोल। मानसून की दस्तक के साथ ही आम जनता को शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री मुहैया कराने के लिए शहडोल जिला प्रशासन, जिला स्वास्थ्य विभाग और खाद्य सुरक्षा अमले ने मोर्चा खोल दिया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. राजेश मिश्रा के सख्त निर्देशों के बाद खाद्य सुरक्षा अधिकारी वाजिद मोहिद की अगुवाई में टीम ने शहडोल चौपाटी पर अचानक दबिश दी। चाट, मोमोज, चाइनीज फास्ट फूड और इडली-डोसा समेत दर्जनों स्टॉलों का औचक निरीक्षण कर टीम ने कच्चे माल, मसालों की शुद्धता, भंडारण और बार-बार इस्तेमाल होने वाले री-यूज्ड तेल की बारीकी से जांच की। प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई की जहां क्षेत्र में सराहना हो रही है, वहीं लंबे समय से साफ-सफाई और खाद्य मानकों को नजरअंदाज कर जनता की सेहत का सौदा कर रहे बेपरवाह व मुनाफाखोर दुकानदारों की नींद उड़ गई है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बिना एप्रन, हेड कैप और ग्लव्स के काम कर रहे कारीगरों को फटकार लगाई और स्पष्ट किया कि दूषित पानी, खुले खाद्य पदार्थ या बासी भोजन पाए जाने पर किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। दूसरी ओर, इस व्यापक अभियान के जरिए जिला प्रशासन ने मुनाफाखोरी की आड़ में मिलावटखोरी का काला कारोबार चलाने वाले तत्वों को कड़ा अल्टीमेटम जारी किया है। खाद्य सुरक्षा अमले ने जिले भर के होटल, रेस्टोरेंट, मिठाई दुकानों और फास्ट फूड सेंटर संचालकों को आगाह किया है कि मानसून के दौरान उल्टी-दस्त, फूड पॉइजनिंग और टाइफाइड जैसी बीमारियों का मुख्य कारण अस्वच्छ भोजन ही होता है। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत ऐसे नियम तोड़ने वालों पर सीधे आपराधिक प्रकरण दर्ज किए जाएंगे। CMHO के मार्गदर्शन में यह विशेष जांच अभियान आने वाले दिनों में पूरे जिले में बिना पूर्व सूचना के जारी रहेगा। इसके साथ ही, प्रशासन ने जागरूक नागरिकों से अपील की है कि वे बाजार में किसी भी प्रकार की घटिया, बासी या मिलावटी सामग्री की बिक्री दिखने पर तुरंत विभाग को सूचित करें, ताकि सार्वजनिक स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले लापरवाह तत्वों पर सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
