यातायात पुलिस का बड़ा एक्शन,हरियाणा पासिंग 'खटारा' बस जब्त

बिना फिटनेस,बीमा और टैक्स के शहडोल-रीवा मार्ग पर यात्रियों की जान जोखिम में डाल रहे बस संचालकों पर शिकंजा 


Junaid Khan - शहडोल। संभागीय मुख्यालय की सड़कों पर बिना वैध दस्तावेजों और सुरक्षा मानकों को दरकिनार कर यात्रियों की जिंदगी से खिलवाड़ करने वाले दबंग बस संचालकों के खिलाफ जिला प्रशासन, राज्य सरकार और यातायात पुलिस ने कड़ा रुख अपना लिया है। यातायात पुलिस द्वारा चलाए जा रहे सघन चेकिंग अभियान के तहत रीवा-शहडोल मार्ग पर फर्राटा भर रही एक संदेहास्पद बस को रोककर जब जांच की गई, तो परत-दर-परत गंभीर अनियमितताएं उजागर हुईं। यातायात थाना प्रभारी संजय जायसवाल के नेतृत्व में की गई इस त्वरित व साहसिक कार्रवाई की सराहना की जा रही है, जिससे यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रति शासन और पुलिस प्रशासन का कड़ा संदेश स्पष्ट हुआ है। जांच के दौरान पाया गया कि शहडोल से रीवा की ओर जा रही बस क्रमांक HR 39 E 7919 का न तो मध्य प्रदेश में कोई रजिस्ट्रेशन है और न ही चालकों के पास रूट पर चलने से जुड़े कोई अन्य वैध दस्तावेज मौजूद थे। गंभीर बात यह है कि हरियाणा पासिंग की यह बस बिना परमिट, फिटनेस प्रमाण पत्र, बीमा और राज्य का टैक्स चुकाए धड़ल्ले से यात्रियों को लेकर लंबी दूरी तय कर रही थी। नियमों को ताक पर रखकर सड़कों पर यमदूत बनकर दौड़ रहीं ऐसी अनियंत्रित गाड़ियों और लापरवाह चालकों पर पुलिस की इस सीधी कार्रवाई से अनधिकृत बस ऑपरेटरों में हड़कंप मच गया है। यातायात पुलिस की टीम ने तत्परता दिखाते हुए बस में सवार सभी यात्रियों को सुरक्षित नीचे उतरवाया और वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए बस को मौके पर ही जब्त कर लिया। हालांकि, इस बड़ी सफलता की प्रशंसा के साथ-साथ यह गंभीर सवाल भी खड़ा होता है कि संबंधित परिवहन एवं प्रशासनिक अधिकारी अब तक सोए हुए क्यों थे और दूसरे राज्यों की पासिंग गाड़ियां बिना टैक्स व फिटनेस के क्षेत्रीय सीमाओं में कैसे प्रवेश कर गईं? जनता की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए प्रशासन को ऐसे लापरवाह तंत्र और गैर-जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच कर कड़ी नजीर पेश करनी होगी, ताकि भविष्य में कोई भी ऑपरेटर यात्रियों के जीवन के साथ खिलवाड़ करने की जुर्रत न कर सके।

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