न्यू बस स्टैंड रोड की घटना, त्वरित राहत कार्य के साथ नियमों के उल्लंघन पर जांच शुरू
Junaid Khan - शहडोल। संभागीय मुख्यालय के इंदिरा चौक से न्यू बस स्टैंड रोड स्थित विजय इलेक्ट्रॉनिक एवं विजय साउंड परिसर में मंगलवार को छत ढलाई के दौरान सेंटरिंग गिरने की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, नगर पालिका अमले और पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर त्वरित कार्रवाई की। हादसे के तुरंत बाद प्रशासनिक सतर्कता के कारण स्थिति को समय रहते संभाल लिया गया, जिससे कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और नगर पालिका के अधिकारियों ने मोर्चा संभालते हुए प्रभावित क्षेत्र को सुरक्षित किया और बुलडोजर की मदद से क्षतिग्रस्त व कमजोर हिस्सों को हटवाकर आसपास के व्यापारियों और राहगीरों की सुरक्षा सुनिश्चित की। घटना के दौरान दुकान बंद थी और अंदर निर्माण कार्य चल रहा था। अचानक हुए इस हादसे में कुछ श्रमिकों को मामूली चोटें आईं, जिन्हें प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया। स्थल के आसपास गुप्ता परिवार सहित कई अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान और रिहाइशी क्षेत्र स्थित हैं, जिसके मद्देनजर प्रशासन द्वारा तत्काल सुरक्षा घेरा बनाया गया। नगर पालिका की इस त्वरित प्रतिक्रिया और पुलिस प्रशासन के बेहतर समन्वय की स्थानीय नागरिकों ने सराहना की है। अधिकारियों की मौजूदगी में मलबे को हटाने और मार्ग को पूरी तरह सुरक्षित करने का काम बिना किसी विलंब के पूरा किया गया। हालांकि, घटना के बाद निर्माण कार्य की वैधता, स्वीकृति और सुरक्षा मानकों को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय निवासियों और नागरिकों का कहना है कि ग्राउंड फ्लोर पर ड्रेनेज/गटर प्रणाली के ऊपर निर्माण और ऊपरी मंजिलों की संरचनात्मक मजबूती की जांच होना आवश्यक है। नागरिकों ने मांग की है कि विजय इलेक्ट्रॉनिक एवं विजय साउंड के संचालक द्वारा किए जा रहे इस निर्माण कार्य के स्वीकृत नक्शे, नगर पालिका अनुमति और तकनीकी मापदंडों की विस्तृत समीक्षा की जाए। यदि जांच में बिना अनुमति निर्माण, सेटबैक नियमों का उल्लंघन या गुणवत्ता में कमी पाई जाती है, तो संबंधित निर्माणकर्ता और जिम्मेदार पक्षों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कदम उठाए जाने चाहिए। कलेक्टर पार्थ जायसवाल, एसडीएम अमृता गर्ग एवं नगर पालिका सीएमओ श्रीमती आशा भंडारी के मार्गदर्शन में मामले की निष्पक्ष जांच की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि निर्माण स्थल की संरचनात्मक सुरक्षा, उपयोग की गई सामग्री की गुणवत्ता और राजस्व व ड्रेनेज संबंधी नियमों का पूर्णतः परीक्षण कराया जाए। जिला प्रशासन की इस सक्रियता से क्षेत्र में सुरक्षा का माहौल बना है और यह संदेश भी स्पष्ट गया है कि नगर में किसी भी निर्माण कार्य में सुरक्षा मानकों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
