प्रशासनिक नाकामी,खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ा रहा मांस-मछली कारोबार, जिम्मेदार मौन

मास-मछली की अवैध बिक्री पर प्रशासन,पुलिस और नगर पालिका की घोर लापरवाही,जनप्रतिनिधि भी साधे हैं चुप्पी 


Junaid Khan - शहडोल। जिला मुख्यालय के सिंहपुर रोड स्थित सेंट ज्यूड्स स्कूल के ठीक सामने और शहर के अन्य घनी आबादी वाले सार्वजनिक क्षेत्रों में खुलेआम मांस-मछली का क्रय-विक्रय धड़ल्ले से जारी है। प्रदेश सरकार के स्पष्ट निर्देशों और नियमों के बावजूद, खुले में मांस बेचने वालों पर कोई वैधानिक कार्रवाई नहीं होना प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। स्थानीय नागरिकों एवं परिजनों द्वारा लगातार विरोध जताने के बावजूद न तो नगर पालिका का अमला हरकत में आ रहा है और न ही खाद्य सुरक्षा विभाग व पुलिस प्रशासन इस पर कोई सख्त कदम उठा रहा है। स्कूल के ठीक सामने इस तरह खुले में अवैध रूप से चल रही दुकानों से न केवल आसपास का माहौल दूषित हो रहा है, बल्कि रोज सुबह-शाम वहां से गुजरने वाले छोटे-छोटे मासूम बच्चों के कोमल मन-मस्तिष्क पर भी इसका विपरीत असर पड़ रहा है। जिले के जनप्रतिनिधियों, क्षेत्रीय विधायकों, सांसदों और मंत्रियों की चुप्पी इस पूरे मामले में और भी अधिक चिंताजनक है। चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे करने वाले जिम्मेदार नेता और जनप्रतिनिधि अब जनता की इन गंभीर समस्याओं से पूरी तरह मुंह मोड़ चुके हैं। जिला प्रशासन, कलेक्टर तथा नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारी केवल बैठकों तक सीमित रह गए हैं और धरातल पर नियमों की खुलेआम उड़ती धज्जियों को देखकर भी आंखें मूंदे बैठे हैं। पुलिस प्रशासन की गश्त और निगरानी पर भी सवाल उठ रहे हैं कि आखिर शहर के इतने मुख्य और संवेदनशील रास्तों पर बिना अनुमति के सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह का कारोबार किसकी शह पर संचालित हो रहा है। क्षेत्रीय लोगों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश पनप रहा है कि कई बार शिकायत और विरोध दर्ज कराने के बाद भी जिम्मेदार अमला पूरी तरह बेखबर बना हुआ है। स्थानीय निवासियों का स्पष्ट कहना है कि यदि सार्वजनिक स्थानों और शैक्षणिक संस्थानों के पास संचालित इन अवैध मांस-मछली दुकानों को तत्काल बंद नहीं कराया गया और जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। अब देखना यह होगा कि इस बड़ी लापरवाही के सामने आने के बाद जिला कलेक्टर और संबंधित विभाग के उच्च अधिकारी नींद से जागकर कोई ठोस कार्रवाई करते हैं या फिर जनप्रतिनिधि और प्रशासन इसी तरह मूकदर्शक बने रहकर जनता की सेहत और शहर की व्यवस्था से खिलवाड़ होने देंगे।

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