कानून व्यवस्था मजबूत करने एसपी की सख्त पहल,पेंडिंग मामलों पर गाज, अपराधियों में हड़कंप

पुलिस अधीक्षक डॉ. संजय अग्रवाल ने ली समीक्षा बैठक,मर्ग, पाक्सो, एससी-एसटी और गुमशुदा बच्चों की दस्तयाबी के दिए कड़े निर्देश 


Junaid Khan - शहडोल। जिले में अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ तथा जनमुखी बनाने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। इसी कड़ी में पुलिस अधीक्षक डॉ. संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय एवं महत्वपूर्ण 'मासिक अपराध समीक्षा बैठक' का आयोजन किया गया। बैठक में जिले भर के सभी अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (एसडीओपी) और समस्त थाना प्रभारियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कप्तान ने स्पष्ट कर दिया कि जनहित के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समीक्षा के दौरान जिले में पेंडिंग मामलों और पुलिस बल द्वारा की जा रही कार्रवाइयों की प्रगति का बारीक हिसाब-किताब लिया गया, जिससे लंबे समय से सुस्त पड़े जांच अधिकारियों में हड़कंप मच गया है।

नाबालिगों की दस्तयाबी और संवेदनशील मामलों के त्वरित निस्तारण पर विशेष जोर 

समीक्षा बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक ने अत्यंत कड़ा रुख अपनाते हुए लंबित अपराधों, लंबित मर्ग प्रकरणों, चालानों और माइनर एक्ट के साथ-साथ प्रतिबंधात्मक कार्रवाइयों की थानावार एवं अनुविभागवार विस्तृत समीक्षा की। एसपी डॉ. संजय अग्रवाल ने विशेष रूप से एससी-एसटी एक्ट, पॉक्सो एक्ट और दुष्कर्म जैसे अति-संवेदनशील एवं गंभीर मामलों के त्वरित एवं न्यायसंगत निराकरण पर जोर दिया। इसके अतिरिक्त, गुमशुदा इंसानों और विशेषकर गायब नाबालिग बालक-बालिकाओं की खोजबीन व दस्तयाबी के लिए पुलिस टीमों को पूरी तत्परता और संवेदनशीलता से जुटने के सख्त निर्देश दिए। कप्तान ने मातहत अधिकारियों को चेताया कि अपराधियों में कानून का खौफ और आम जनता में पुलिस के प्रति अटूट विश्वास कायम होना ही प्राथमिक ध्येय होना चाहिए।

समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण की चेतावनी, सीएम हेल्पलाइन शिकायतों पर सीधा एक्शन बैठक के अंतिम चरण में पुलिस कप्तान ने आम जनमानस की समस्याओं के समयबद्ध निवारण पर विशेष ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने सीएम हेल्पलाइन से प्राप्त शिकायतों की गहन समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को तय समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। एसपी ने दोटूक शब्दों में कहा कि मामलों के निपटारे में केवल खानापूर्ति स्वीकार नहीं की जाएगी; जांच की गुणवत्ता और निष्पक्षता से कोई समझौता नहीं होगा। कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने, अपराधों की रोकथाम के लिए गश्त बढ़ाने और पेंडिंग विवेचनाओं को जल्द से जल्द तार्किक अंजाम तक पहुंचाने के सख्त फरमान जारी किए गए हैं। पुलिस प्रमुख के इस आक्रामक और जनहितैषी रुख से स्पष्ट है कि जिले में अपराधियों पर शिकंजा कसने वाला है।

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