जमीन व जाति प्रमाण-पत्र के एवज में आपत्तिजनक मांग करने वाले पटवारी आशीष सोनकर पर गिरी गाज,पुलिस ने शुरू की जांच
Junaid Khan - शहडोल। प्रशासनिक तंत्र में बैठे कुछ भ्रष्ट अधिकारियों की मनमानी और पद के दुरुपयोग पर एक असहाय लेकिन साहसी युवती के संघर्ष ने करारा प्रहार किया है। सोहागपुर तहसील के हल्का नंबर 72 में पदस्थ पटवारी आशीष सोनकर के खिलाफ आखिरकार सोहागपुर पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पीड़ित युवती अपनी जमीन संबंधी काम और जाति प्रमाण-पत्र बनवाने के लिए लंबे समय से पटवारी के चक्कर काट रही थी। मदद करने के बजाय आरोपी पटवारी ने न केवल काम के एवज में रिश्वत की मांग की, बल्कि सोशल मीडिया अकाउंट पर आपत्तिजनक बातचीत कर पद का बेजा इस्तेमाल करते हुए उस पर गंभीर मानसिक दबाव भी बनाया। पीड़ित युवती ने किसी दबाव में आने के बजाय पुलिस और प्रशासन के सामने पटवारी के साथ हुई चैट के स्क्रीनशॉट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य पेश कर दिए। आरोप है कि चैट के दौरान पटवारी ने युवती को होटल में बुलाने और साथ रहने जैसी अमर्यादित बातें की थीं।
इस पूरे घटनाक्रम ने राजस्व विभाग की कार्यशैली और प्रशासनिक मॉनिटरिंग पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिकायत की भनक लगते ही आरोपी पटवारी ने पीड़िता का काम रोक दिया और अपने पद का धौंस दिखाकर मामले को दबाने की कोशिश की। इतना ही नहीं, युवती का यह भी आरोप है कि पटवारी के सहयोगी द्वारा शिकायत वापस लेने के लिए उस पर लगातार मानसिक दबाव बनाया गया और धमकियां भी दी गईं। आम जनता का कहना है कि जब एक बेसहारा युवती को शासकीय काम कराने के लिए इस हद तक प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है, तो आम नागरिकों के हाल का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। शासन और वरिष्ठ अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे ऐसे रिश्वतखोर और चरित्रहीन कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई कर यह संदेश दें कि सत्ता और प्रशासन आम जनमानस की सेवा के लिए है, न कि शोषण के लिए। इलाके की जनता युवती के इस साहसी कदम की जमकर तारीफ कर रही है। बिना किसी मजबूत सहारे के भी कानून पर भरोसा रखकर भ्रष्ट पटवारी की कारगुजारियों को उजागर करने वाली युवती की हिम्मत ने क्षेत्र में मिसाल कायम की है। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने प्रकरण की सघन जांच शुरू कर दी है। अब देखना यह होगा कि मामले की जांच में शामिल जिम्मेदार अधिकारी कितनी निष्पक्षता से कार्रवाई करते हैं और आरोपी पटवारी के साथ-साथ धमकाने वाले उसके सहयोगियों पर कानून का शिकंजा कितनी सख्ती से कसता है। जनता अब इस मामले में कड़ी से कड़ी सजा की उम्मीद लगाए बैठी है।
