जनता के वोटों से बनी सरकार, विधायक-सांसद और नगर पालिका की उपेक्षा से बदहाल सड़क,एक ही दिन में थमा विकास का पहिया

जनता के वोटों से बनी सरकार, विधायक-सांसद और नगर पालिका की उपेक्षा से बदहाल सड़क,एक ही दिन में थमा विकास का पहिया


Junaid Khan - शहडोल। इंदिरा चौक से बस स्टैंड तक फैली जर्जर और जानलेवा सड़क की दास्तान अब केवल प्रशासनिक नाकामी नहीं, बल्कि क्षेत्रीय जन-प्रतिनिधियों और जिम्मेदार अधिकारियों की घोर लापरवाही का जीवंत प्रमाण बन चुकी है। लंबे समय से जनप्रतिनिधियों के चौखट पर गुहार लगा रही जनता को पैदल मार्च, सद्बुद्धि यज्ञ और आंदोलनों के बाद जब नगर पालिका द्वारा काम शुरू होने की उम्मीद जगी थी, तब महज 24 घंटे के भीतर मशीनों का थम जाना जनता के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है। स्थानीय सांसद, क्षेत्रीय विधायक, नगर पालिका अध्यक्ष और कलेक्टर के कड़े निर्देशों का दावा करने वाले प्रशासनिक अमले के दावों की पोल पहली बारिश और एक दिन की खानापूर्ति ने खोलकर रख दी है। जनता अब तीखे सवाल पूछ रही है कि जब समस्या वर्षों पुरानी है और बजट व निविदा प्रक्रिया की बातें की जाती हैं, तो फिर काम शुरू करवाकर अगले ही दिन बंद कर देना आखिर किसकी शह पर हुआ और इसके पीछे की असली वजह क्या है?

खोखले दावों के बीच कीचड़ में फंसी आम जनता और त्योहारों का मौसम

बारिश की बूंदें पड़ते ही सड़क दलदल और जानलेवा गड्ढों में तब्दील हो चुकी है, जिससे बस स्टैंड आने-जाने वाले हजारों यात्री, वाहन चालक और पैदल राहगीर रोजाना अपनी जान जोखिम में डालने को मजबूर हैं। बुढ़ार चौक से बस स्टैंड तक 1300 मीटर लंबे मॉडल रोड निर्माण के नाम पर उतारी गई जेसीबी मशीनें और समतलीकरण का नाटक महज एक दिन का तमाशा बनकर रह गया। त्योहारों के मुहाने पर खड़ी जनता को सुगम रास्ता देने के बजाय, जनप्रतिनिधियों की चुप्पी और ठेकेदारों की मनमानी ने पूरे क्षेत्र को नरक बना दिया है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि चुनाव में बड़े-बड़े वादे करने वाले विधायक और सांसद अब इस जर्जर सड़क की दुर्दशा पर पूरी तरह से मौन धारण किए हुए हैं, जबकि जिम्मेदार इंजीनियर और निर्माण एजेंसी बिना किसी भय के कार्य में लापरवाही बरत रहे हैं।

अधिकारियों के बहानों पर भड़का जन-आक्रोश: सीएमओ का बयान, काम चालू है तो बंद क्यों? 

मामले में जब मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) आशा जितेंद्र भंडारी से सवाल किया गया तो उनका कहना था कि त्योहारों और बारिश के कारण काम प्रभावित हुआ है। उन्होंने दावा किया कि "काम एक बार शुरू हो चुका है, इसलिए अब इसे बंद नहीं किया जाएगा और सड़क सुधार का काम पूरा कराने का प्रयास किया जा रहा है"। लेकिन धरातल पर स्थितियां इसके ठीक विपरीत हैं; कार्यस्थल से मशीनें नदारद हैं और सड़क पर फैला कीचड़ हादसे का न्योता दे रहा है। नगर पालिका प्रशासन और जिम्मेदार अधिकारियों के इस ढुलमुल रवैये से जनता का सब्र अब टूट चुका है। क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि सांसद, विधायक और नगर पालिका प्रशासन ने मिलकर इस जर्जर सड़क का स्थायी व गुणवत्तापूर्ण निर्माण तत्काल शुरू नहीं कराया, तो वे उग्र आंदोलन और जनप्रतिनिधियों के घेराव के लिए बाध्य होंगे।

Previous Post Next Post