पोकलेन के नाम पर 5 लाख की ठगी,खाकी पर उठे गंभीर सवाल

न्याय की गुहार लेकर दर-दर भटकने को मजबूर पीड़ित, आईजी दफ्तर पहुंचा मामला


Junaid Khan - शहडोल। उमरिया कानून के रखवालों का रवैया जब अपराध और अपराधियों को शह देने वाला बन जाए, तो आम नागरिक का इंसाफ से भरोसा उठना लाजमी है। उमरिया जिले के नौरोजाबाद और बिरसिंहपुर पाली थाना क्षेत्र से एक ऐसा ही सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां पुलिस की कथित निष्क्रियता और खाकीधारियों की मिलीभगत से एक शातिर जालसाज खुलेआम कानून की धज्जियां उड़ा रहा है। प्राप्त विवरण के अनुसार, नौरोजाबाद वार्ड 10 (नैका दफाई) निवासी जाकिर खान (पिता स्व. जाकिर खान) ने बिरसिंहपुर पाली के वार्ड 14 निवासी नीरज सिंह को अपनी बातों में फंसाकर हवा में ही पोकलेन मशीन का सौदा कर डाला। जाकिर खान ने दावा किया था कि उसके पास 'शिवा नायक' नामक व्यक्ति की एक चैन माउंटिंग पोकलेन मशीन (हाइड्रोलिक एक्स्ट्रावेटर) उपलब्ध है। भारी मुनाफे और साझेदारी का सब्जबाग दिखाकर आरोपी ने पीड़ित से ₹5,00,000 की मोटी रकम ऐंठ ली। रकम ऐंठने के बाद न तो पीड़ित को कभी पोकलेन मशीन दिखाई गई और न ही पैसे वापस किए गए। जब पीड़ित ने खुद जांच की, तो पता चला कि जालसाज ने असली मालिक शिवा नायक के फर्जी और कूट रचित हस्ताक्षर/दस्तावेज बनाकर यह पूरी ठगी रची थी।

थाने में निष्पक्ष जांच के बजाय समझौते की दी जा रही धमकियां

ठगी का शिकार होने के बाद पीड़ित नीरज सिंह पिछले चार महीनों से पाली थाने के चक्कर काटकर पस्त हो चुका है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही। आरोप है कि मामले में निष्पक्ष एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई करने के बजाय थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक के.के. पटेल आरोपी का खुलेआम बचाव कर रहे हैं। पीड़ित का आरोप है कि उक्त पुलिसकर्मी खाकी की गरिमा को तार-तार करते हुए पीड़ित पर ही शिकायत वापस लेने और आरोपी से अनुचित समझौता करने का दबाव बना रहे हैं। थाने से लगातार मिल रही मानसिक प्रताड़ना और दुत्कार के बाद अंततः पीड़ित ने पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) शहडोल के समक्ष गुहार लगाई है।

उच्च अधिकारियों से एफआईआर दर्ज करने व दोषियों पर विभागीय कार्रवाई की मांग

आईजी को सौंपे गए शिकायत पत्र में पीड़ित ने आरोपी जाकिर खान के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचना (फॉरजरी), आपराधिक षड्यंत्र और अमानत में खयानत की धाराओं के तहत तत्काल मामला दर्ज कर जेल भेजने की मांग की है। इसके साथ ही जाकिर द्वारा तैयार किए गए फर्जी शपथ पत्रों व अनुबंधित दस्तावेजों के हस्ताक्षरों की फॉरेंसिक जांच कराने तथा गायब पोकलेन मशीन की खोजनाबीन कर हड़पी गई रकम वापस दिलाने की गुहार लगाई गई है। पीड़ित ने आरोपी को शह देने वाले और अनुचित दबाव बनाने वाले प्रधान आरक्षक के.के. पटेल की भूमिका की भी उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच कर दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है। अब देखना यह होगा कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारी इस मामले में क्या कदम उठाते हैं या फिर खाकी का यह ढुलमुल रवैया यूं ही जारी रहेगा।

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