ग्राम बैरिहा में जलभराव से ग्रामीण परेशान,जय अंबे प्राइवेट लिमिटेड और एसईसीएल पर मिलीभगत के आरोप
Junaid Khan - शहडोल। रामपुर बटुरा मेगा प्रोजेक्ट से प्रभावित ग्राम बैरिहा में जलभराव की गंभीर समस्या को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि रामपुर बटुरा मेगा प्रोजेक्ट में कार्यरत जय अंबे प्राइवेट लिमिटेड और एसईसीएल की लापरवाही एवं कथित मिलीभगत के कारण गांव में लगातार पानी भर रहा है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। ग्रामीणों के अनुसार, जय अंबे प्राइवेट लिमिटेड और एसईसीएल द्वारा किए जा रहे कार्यों के दौरान नीचे बहने वाली कठना नदी के प्राकृतिक जलमार्ग को बाधित कर दिया गया है। नदी एवं पानी निकासी के रास्ते बंद होने के कारण बारिश का पानी गांव की ओर जमा हो रहा है। परिणामस्वरूप ग्राम बैरिहा के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति निर्मित हो गई है और ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि गांव के लोगों का आवागमन बाधित हो रहा है। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि जलभराव के कारण उन्हें अपने घरों से बाहर निकलने में भी कठिनाई हो रही है और कई परिवार अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि समस्या की जानकारी देने के लिए संबंधित अधिकारियों एवं जिम्मेदार कर्मचारियों को लगातार फोन लगाया जाता है, लेकिन फोन तक नहीं उठाया जाता। इससे ग्रामीणों में नाराजगी और बढ़ती जा रही है। लोगों का कहना है कि जब गांव के सामने इतनी बड़ी समस्या खड़ी है, तब जिम्मेदार अधिकारी ग्रामीणों की शिकायत सुनने तक को तैयार नहीं हैं। इस गंभीर मामले को सामाजिक कार्यकर्ता अखिलेश त्रिपाठी ने प्रमुखता से उठाया है। उन्होंने ग्राम बैरिहा पहुंचकर ग्रामीणों की समस्याओं को सुना और जलभराव की स्थिति का जायजा लिया। अखिलेश त्रिपाठी ने कहा कि विकास परियोजनाओं के नाम पर किसी गांव के लोगों को परेशान करना उचित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कठना नदी के प्राकृतिक बहाव को बाधित किए जाने के कारण गांव में पानी भरने की समस्या उत्पन्न हुई है। उन्होंने जय अंबे प्राइवेट लिमिटेड और एसईसीएल से तत्काल जल निकासी की उचित व्यवस्था करने तथा नदी के प्राकृतिक मार्ग को बहाल करने की मांग की है। अखिलेश त्रिपाठी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र ही ग्राम बैरिहा के जलभराव की समस्या का समाधान नहीं किया गया तो ग्रामीणों के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने जिला प्रशासन से भी मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों की मांग है कि एसईसीएल एवं जय अंबे प्राइवेट लिमिटेड के जिम्मेदार अधिकारी तत्काल मौके का निरीक्षण करें, कठना नदी के बाधित जलमार्ग को खुलवाएं और गांव में जमा पानी की निकासी की व्यवस्था करें। अब देखना यह होगा कि ग्रामीणों की इस गंभीर समस्या पर प्रशासन और संबंधित कंपनियां कब तक कार्रवाई करती हैं या फिर ग्राम बैरिहा के लोग इसी तरह जलभराव और परेशानियों के बीच जीवन जीने को मजबूर रहेंगे।
