राहुल गांधी पर FIR से भड़की युवा कांग्रेस,गांधी चौक पर जलाया उत्तराखंड के CM धामी का पुतला

स्थानीय नेताओं व कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन, जनविरोधी नीतियों और राजनीतिक द्वेष के खिलाफ भरी हुंकार 



Junaid Khan - शहडोल। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ उत्तराखंड में दर्ज कराई गई एफआईआर के विरोध में शहडोल की राजनीति पूरी तरह गरमा गई है। केंद्र व उत्तराखंड सरकार की इस दमनकारी कार्रवाई के विरोध में युवा कांग्रेस शहडोल ने सड़क पर उतरकर उग्र प्रदर्शन किया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष अजय अवस्थी की विशेष उपस्थिति और युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष अनुपम गौतम के सशक्त नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने नगर के हृदय स्थल गांधी चौक पर दिनांक 01 सितंबर 2026 को उत्तराखंड सरकार एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का पुतला दहन कर जोरदार नारेबाजी की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने साफ शब्दों में कहा कि विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए सरकारी तंत्र और पुलिस प्रशासन का दुरुपयोग किया जा रहा है, जिसे देश की जनता और युवा कांग्रेस का एक-एक कार्यकर्ता कतई बर्दाश्त नहीं करेगा।

इस विशाल विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस और युवा कांग्रेस के प्रमुख क्षत्रपों ने केंद्र व राज्य सरकारों की जनविरोधी नीतियों पर जमकर हमला बोला। कार्यक्रम में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष नरेंद्र मरावी, युवा कांग्रेस प्रदेश सचिव अभिषेक शुक्ला, उमरिया युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष अनुराग सिंह, विधानसभाध्यक्ष शेख सजील, जिला महासचिव शेख आबिद, सोनू चौबे, सत्यम कुशवाहा, सत्यम प्रजापति, मुशरान खान सहित भारी संख्या में युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता उपस्थित रहे। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि जब-जब सत्ताधारी दल, मंत्री, सांसद और विधायक अपनी विफलताओं को छिपाने में नाकाम रहते हैं, तब-तब वे संवैधानिक पदों पर बैठे विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने का काम करते हैं। स्थानीय कांग्रेस नेतृत्व ने क्षेत्र की जनता के हक और सच की लड़ाई को मजबूती से उठाने का संकल्प दोहराया और कहा कि लोकतंत्र में जनता ही सर्वोपरि है, और जनता देख रही है कि किस तरह से सत्ता के नशे में चूर नेता और उनका संरक्षण प्राप्त प्रशासन विपक्ष को चुप कराने की साजिश रच रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय जागरूक नागरिकों और वरिष्ठ पत्रकारों की नजर अब जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारियों पर भी टिक गई है। जिस प्रकार से कानून-व्यवस्था और राजनीतिक दबाव के बीच समन्वय बिठाने की कोशिशें की जा रही हैं, उससे प्रशासनिक निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। वरिष्ठ नेताओं ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि विपक्षी नेताओं के खिलाफ दर्ज झूठे मुकदमे वापस नहीं लिए गए और प्रशासनिक अधिकारियों ने निष्पक्ष रवैया नहीं अपनाया, तो यह आंदोलन केवल पुतला दहन तक सीमित नहीं रहेगा। आने वाले दिनों में युवा कांग्रेस इस लड़ाई को गांव-गांव और गली-मोहल्ले तक ले जाकर सरकार और उसके जिम्मेदार कारिंदों की जनविरोधी कार्यप्रणाली का पर्दाफाश करेगी।

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