मानसिक विक्षिप्त बनकर घूम रहे चोर ने डॉक्टर के घर दिनदहाड़े मारी सेंध,मूर्ति ले उड़ा,CCTV में कैद 'हाई-प्रोफाइल' ड्रामा
Junaid Khan - शहडोल। अपराध की दुनिया में शातिर चोर नित-नए पैंतरे आजमाने से बाज नहीं आ रहे हैं। मध्य प्रदेश के शहडोल जिले से एक ऐसा ही सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने पुलिस प्रशासन की गश्त व्यवस्था और आम जनता की सतर्कता, दोनों पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। जिले के बुढ़ार थाना क्षेत्र अंतर्गत पॉश इलाका मानी जाने वाली 'आदर्श कॉलोनी' में एक शातिर दिमाग चोर ने कई दिनों तक पागल और भिखारी का वेश धरकर पहले डॉक्टर के घर की बारकी से रेकी की, और फिर मौका मिलते ही दिनदहाड़े दीवार लांघकर चोरी की घटना को अंजाम दे डाला। चोर की यह पूरी करतूत परिसर में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों में कैद हो गई है, जिसका फुटेज अब तेजी से वायरल हो रहा है। रेकी से वारदात तक: जानिए कैसे रचा गया पूरा चक्रव्यूह आदर्श कॉलोनी निवासी प्रख्यात चिकित्सक डॉ. ए.के. लाल अपने निवास स्थान से ही क्लीनिक का संचालन करते हैं। मिली जानकारी के अनुसार, घटना वाले दिन डॉ. लाल किसी व्यक्तिगत कार्य से क्लीनिक और घर के मुख्य द्वार पर ताला लगाकर बाहर गए हुए थे। इसी सूनेपन का फायदा उस शातिर चोर ने उठाया। स्थानीय निवासियों का कहना है कि आरोपी पिछले कुछ दिनों से फटे-पुराने कपड़ों में एक मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति (पागल) और भिखारी का ढोंग रचाकर कॉलोनी में भटकता देखा जा रहा था। लोग उसे सचमुच का बेसहारा समझकर अनदेखा करते रहे, जबकि वह वास्तव में डॉक्टर के घर और उनकी गतिविधियों की 'रेकी' (निगरानी) कर रहा था। सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषणात्मक विवरण से पता चलता है कि वारदात के वक्त आरोपी पहले घर के इर्द-गिर्द घूमकर इलाके के सन्नाटे को भांपता है। जैसे ही उसे भरोसा हो गया कि आसपास कोई मौजूद नहीं है, उसका 'मानसिक अस्वस्थता' का नाटक पल भर में गायब हो गया। उसने एक पेशेवर अपराधी की भांति फुर्ती से बाउंड्री वॉल और मुख्य गेट को लांघा और सीधे घर के भीतर प्रवेश कर गया। घर खंगाला, कीमती सामान न मिलने पर मूर्ति ले उड़ा। घर के अंदर दाखिल होने के बाद शातिर चोर ने कमरों और सामान की तलाश ली। हालांकि, अलमारियों या लॉकर तक पहुंच न बन पाने या कोई भारी नकदी-आभूषण हाथ न लगने पर उसकी नजर वहां रखी एक बेशकीमती मूर्ति पर पड़ी। आरोपी बिना समय गंवाए मूर्ति को उठाकर उसी रास्ते से पलक झपकते ही रफूचक्कर हो गया, जिस रास्ते से वह अंदर दाखिल हुआ था। पीड़ित चिकित्सक डॉ. ए.के. लाल का बयान,यह व्यक्ति पिछले कुछ दिनों से कॉलोनी में भिखारी के रूप में घूम रहा था। स्वभाव और पहनावे से कोई भी धोखा खा सकता था। मौका पाते ही उसने घर की दीवार लांघकर चोरी की घटना को अंजाम दिया। गनीमत यह रही कि मुख्य कीमती सामान सुरक्षित रहा, लेकिन यह घटना सुरक्षा के लिहाज से बेहद चिंताजनक है। अगर कोई बड़ा माल सामने होता, तो वह उसे भी साफ कर देता। पुलिस बेखबर, वायरल फुटेज के बाद जांच की सुगबुगाहट। दिनदहाड़े हुई इस दुस्साहसिक वारदात के बाद जहां क्षेत्र के रहवासियों में दहशत और आक्रोश का माहौल है, वहीं पुलिस की शुरुआती अनभिज्ञता पर भी सवाल उठ रहे हैं। मामले में जब बुढ़ार थाना प्रभारी रजनीश तिवारी से प्रतिक्रिया ली गई, तो उन्होंने बताया,मामले के संबंध में फिलहाल थाने में कोई लिखित शिकायत या औपचारिक सूचना प्राप्त नहीं हुई है। हालांकि, सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से मामला संज्ञान में आ रहा है। फुटेज के आधार पर संदेही व्यक्ति की पहचान के प्रयास शुरू किए जा रहे हैं। जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी। सुरक्षा में चूक: हाई-प्रोफाइल इलाकों में 'भिखारी या विक्षिप्त' बनकर घूम रहे अज्ञात तत्वों का पुलिस सत्यापन न होना। मोडस ऑपरेंडी (Modus Operandi): अपराध का नया तरीका, जिसमें सहानुभूति का फायदा उठाकर पहचान छिपाई जा रही है। जन-जागरूकता की आवश्यकता: मोहल्ले या कॉलोनी में लंबे समय तक बिना वजह भटकने वाले संदिग्ध व्यक्तियों की सूचना तुरंत डायल-112 या स्थानीय पुलिस को दें।
