सख्त एक्शन: मध्य प्रदेश शासन और वन विभाग के कड़े रुख से हड़कंप, मालवाहक वाहन, 03 आरा मशीन और 40 लट्ठे जब्त
Junaid Khan - शहडोल। मध्य प्रदेश शासन की पर्यावरण सुरक्षा नीति और वन माफिया के खिलाफ शून्य सहनशीलता (Zero Tolerance) की नीति का बड़ा असर देखने को मिला है। वन विभाग और स्थानीय प्रशासन की मुस्तैदी ने जंगलों की हरी-भरी संपदा पर डाका डालने वाले गिरोह के मंसूबों पर पूरी तरह से पानी फेर दिया है। वन परिक्षेत्र शहडोल अंतर्गत सिंहपुर सर्किल के जोधुपुर बीट (आरएफ 790) में देर रात की गई इस बड़ी और साहसिक कार्रवाई से क्षेत्र के लकड़ी तस्करों और भू-माफियाओं में हड़कंप मच गया है। शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि प्राकृतिक संसाधनों और सरकारी वन भूमि को नुकसान पहुंचाने वाले अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा, और इसी कड़ी में वन अमले ने आधी रात को घेराबंदी कर इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश कर दिया। रात के अंधेरे में घेराबंदी, मौके पर ही धरे गए तस्कर घटना की बारीकियों पर नजर डालें तो 1 अक्टूबर की रात करीब 2 बजे वन अमले और रात्रिगश्ती दल को मुखबिर से सटीक सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना मिलते ही अधिकारियों के कुशल मार्गदर्शन में टीम ने बिना समय गंवाए जोधपुर बीट के आरएफ 790 के जंगलों को चारों तरफ से घेर लिया। मौके पर देखा गया कि कुछ शातिर तत्व नीलगिरी के कीमती पेड़ों की अवैध कटाई कर उन्हें एक पिकअप (मालवाहक वाहन) में लोड करने की फिराक में थे। पुलिस और वन विभाग के अमले की अचानक हुई इस धावा-कार्रवाई से आरोपियों को भागने तक का मौका नहीं मिला। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपनी पहचान आर्सल चौरसिया, गंगाराम चौरसिया और अनुज चौरसिया (सभी निवासी केल्हौरी, जिला अनूपपुर) के रूप में दी। जब वन अमले ने कटाई से संबंधित वैध अनुमति व दस्तावेज मांगे, तो आरोपी कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। मुस्तैद प्रशासन और जिम्मेदार अधिकारियों की बड़ी सफलता। वन अमले ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके से अवैध लकड़ी परिवहन में इस्तेमाल मालवाहक वाहन, 3 अदद आरा मशीनें और नीलगिरी के करीब 40 नग लट्ठे जब्त कर लिए हैं। जब्त की गई समस्त लकड़ी व सामग्री को नरसरहा काष्ठागार डिपो में पूरी सुरक्षा के साथ रखवाया गया है। यह पूरी और प्रभावी कार्रवाई मुख्य वन संरक्षक एवं मुख्य वन संरक्षक अधिकारी महेंद्र प्रताप सिंह के कुशल निर्देशन में अंजाम दी गई। जिम्मेदार अधिकारियों के इस कड़े रुख और त्वरित एक्शन ने साबित कर दिया है कि जिला प्रशासन और वन विभाग पूरी तरह सतर्क है। स्थानीय नागरिकों और पर्यावरण प्रेमियों ने शासन व वन विभाग की इस त्वरित व कठोर कार्रवाई की जमकर सराहना की है और उम्मीद जताई है कि ऐसे माफियाओं पर आगे भी इसी तरह का शिकंजा कसा जाता रहेगा।
