विंध्य के शिल्पकार स्व. पं. शंभूनाथ शुक्ल की 48वीं पुण्यतिथि कल,शहडोल कलेक्ट्रेट में गरिमामय श्रद्धांजलि सभा का आयोजन

आधुनिक शहडोल के निर्माता को नमन करने जुटेगा शहर, नागरिक समिति ने प्रबुद्धजनों व जनप्रतिनिधियों से उपस्थिति की अपील की 


Junaid Khan - शहडोल। भारतीय संविधान सभा के सम्मानित सदस्य, विंध्य प्रदेश के भूतपूर्व मुख्यमंत्री एवं आधुनिक शहडोल जिले के सच्चे शिल्पकार स्व. पंडित शंभूनाथ शुक्ल जी की 48वीं पुण्यतिथि के पावन अवसर पर 21 अक्टूबर को प्रातः 10:00 बजे जिला कलेक्ट्रेट परिसर शहडोल में एक विशाल व गरिमामय श्रद्धांजलि सभा का आयोजन होने जा रहा है। इस राज्य स्तरीय महत्व के अवसर पर जिला कलेक्ट्रेट परिसर में स्थापित स्व. पंडित शंभूनाथ शुक्ल जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि दी जाएगी। पं. शंभूनाथ शुक्ल जी का योगदान केवल इतिहास के पन्नों तक सीमित नहीं है, बल्कि आज का विकसित शहडोल और विंध्य क्षेत्र उनके दूरदर्शी सोच और जनसेवा के संकल्पों का ही प्रतिफल है। कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम जिला प्रशासन की सहभागिता और क्षेत्रीय जनचेतना का एक अनुपम उदाहरण बनेगा, जहां प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों द्वारा एक साथ आकर क्षेत्र के महान सपूत के योगदान का स्मरण किया जाएगा। आधुनिक अधोसंरचना, सामाजिक समरसता और प्रशासनिक सुदृढ़ता के स्तंभ रहे पं. शंभूनाथ शुक्ल जी की स्मृति में आयोजित इस कार्यक्रम को लेकर 'जिला नागरिक समिति, शहडोल' ने जिले के समस्त आदरणीय गणमान्य नागरिकों, प्रबुद्धजनों, समाजसेवियों, वरिष्ठ पत्रकारों तथा जन-प्रतिनिधियों से कलेक्ट्रेट परिसर स्थित प्रतिमा स्थल पर प्रातः 10:00 बजे सादर उपस्थित होकर पुष्पमाला अर्पित करने और श्रद्धांजलि देने का विनम्र सहनिवेदन किया है। आयोजकों ने बताया कि यह आयोजन केवल एक श्रद्धांजलि सभा नहीं, बल्कि शहडोल के गौरवशाली इतिहास और विकास की बुनियाद रखने वाली महान विभूति के विचारों को पुनर्जीवित करने का संकल्प दिवस है। उक्त आशय की संयुक्त जानकारी जय प्रकाश नारायण गर्ग, रविंद्र तिवारी एवं स्व. पंडित शंभूनाथ शुक्ल जी के पौत्र आशुतोष शुक्ला द्वारा प्रदान की गई है। इस दौरान जिला प्रशासन व संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों की सतर्कता और व्यवस्था से कार्यक्रम को भव्य रूप दिया जा रहा है, ताकि आने वाली पीढ़ियां विंध्य के इस महान नेता के आदर्शों और शहडोल के प्रति उनके समर्पण से प्रेरणा ले सकें।

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