खाकी के संरक्षकों की सेहत का रखा गया खास ख्याल पुलिस लाइन में लगा भव्य स्वास्थ्य शिविर

SP डॉ. संजय कुमार अग्रवाल के संवेदनशील नेतृत्व में 300 से अधिक पुलिसकर्मियों व परिजनों की हुई मुफ्त जांच



Junaid Khan - शहडोल। आम जनता की सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिन-रात मुस्तैदी से अपनी सेवाएं देने वाले पुलिसकर्मियों व उनके परिजनों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन व पुलिस विभाग की ओर से एक सराहनीय व मानवीय पहल की गई है। दिनांक 06 अक्टूबर 2026 को पुलिस लाइन शाहडोल में पुलिस अधीक्षक (SP) डॉ. संजय कुमार अग्रवाल के कुशल मार्गदर्शन में पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों एवं उनके परिजनों के लिए एक भव्य निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य पुलिस बल और उनके परिवारजनों को नियमित स्वास्थ्य जांच और समय पर आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श की सुलभ सुविधा उपलब्ध कराना था। शासन व पुलिस प्रशासन के इस कल्याणकारी कदम की हर तरफ जमकर प्रशंसा हो रही है।

विशेषज्ञ डॉक्टरों ने की गहन जांच, दिए जरूरी परामर्श आयोजित स्वास्थ्य शिविर में अमृता हॉस्पिटल, श्रीराम हॉस्पिटल एवं जिला अस्पताल शाहडोल के ख्यातिलब्ध व विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने अपनी सेवाएं दीं। शिविर के दौरान पुलिस अधिकारियों, जवानों और उनके परिवार के सदस्यों का विभिन्न स्वास्थ्य मापदंडों पर गहन परीक्षण किया गया। चिकित्सकों की टीम ने न केवल निःशुल्क जांच की, बल्कि मौसम संबंधी बीमारियों, तनाव प्रबंधन और खान-पान में सुधार से संबंधित आवश्यक परामर्श व मुफ्त उपचार संबंधी सुझाव भी दिए। पुलिसकर्मियों के व्यस्त जीवन चक्र को देखते हुए विशेषज्ञों द्वारा दी गई इस चिकित्सकीय सलाह को बेहद उपयोगी व राहत पहुंचाने वाला माना जा रहा है। 300 से अधिक लोगों ने उठाया लाभ, अधिकारियों की दूरदर्शिता की हुई सराहना इस विशेष स्वास्थ्य परीक्षण शिविर में लगभग 300 पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों एवं उनके परिजनों ने भाग लेकर विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया। शिविर स्थल पर मौजूद जवानों व उनके परिवारों ने प्रशासन तथा पुलिस अधीक्षक डॉ. संजय कुमार अग्रवाल के प्रति आभार प्रकट किया। जानकारों का कहना है कि पुलिस महकमे के कल्याण के लिए राज्य सरकार व वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा समय-समय पर किए जाने वाले ऐसे संवेदनशील कार्य बल के मनोबल को और अधिक मजबूत करते हैं। ड्यूटी के कड़े शेड्यूल के बीच जवानों की सेहत की चिंता करने की यह पहल अन्य विभागों के लिए भी एक अनुकरणीय उदाहरण बनकर उभरी है।

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