डिजिटल सुरक्षा,साइबर अपराध के शिकार हैं तो न घबराएं,cybercrime.gov.in' पर ऐसे दर्ज कराएं घर बैठे शिकायत-प्रशांत द्विवेदी

डिजिटल सुरक्षा,साइबर अपराध के शिकार हैं तो न घबराएं,cybercrime.gov.in' पर ऐसे दर्ज कराएं घर बैठे शिकायत-प्रशांत द्विवेदी 


Junaid Khan - शहडोल। आज के डिजिटल युग में इंटरनेट, सोशल मीडिया और ऑनलाइन बैंकिंग ने हमारे जीवन को जितना आसान बनाया है, साइबर अपराधियों ने इसका फायदा उठाकर आम जनता की मुश्किलें भी उतनी ही बढ़ा दी हैं। लॉटरी लगना, बैंक अधिकारी बनकर ओटीपी मांगना, सोशल मीडिया पर फर्जी प्रोफाइल बनाना या ब्लैकमेल करना अब आम हो चुका है। ऐसे में अधिकांश लोग डर या लोक-लाज के कारण चुप रह जाते हैं, जिससे अपराधियों के हौसले और बुलंद होते हैं। यदि आप भी किसी ऐसे ऑनलाइन फ्रॉड या साइबर अपराध के शिकार हुए हैं, तो घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा संचालित आधिकारिक राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (cybercrime.gov.in) के माध्यम से आप देश के किसी भी कोने से चौबीसों घंटे अपनी शिकायत ऑनलाइन दर्ज करा सकते हैं। शिकायत दर्ज करने की ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू करने से पहले पीड़ित को कुछ जरूरी दस्तावेज और प्रमाण अपने पास सुरक्षित रख लेने चाहिए। इनमें पंजीकरण और ओटीपी सत्यापन के लिए एक सक्रिय मोबाइल नंबर होना आवश्यक है। इसके साथ ही फ्रॉड से जुड़े डिजिटल साक्ष्य जैसे बैंक ट्रांजैक्शन की रसीद, चैट्स के स्क्रीनशॉट, ईमेल की कॉपी या फर्जी प्रोफाइल का यूआरएल लिंक अपने पास रख लें। पहचान पत्र के तौर पर आधार कार्ड, पैन कार्ड या वोटर आईडी की स्कैन कॉपी भी तैयार रखें, जिसका साइज 5MB से कम होना चाहिए। पोर्टल पर शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया बेहद सरल है। सबसे पहले अपने मोबाइल या कंप्यूटर के ब्राउज़र में आधिकारिक पोर्टल cybercrime.gov.in खोलें, जहाँ आप अपनी सुविधानुसार हिंदी या अंग्रेजी भाषा चुन सकते हैं। इसके बाद होमपेज पर अपराध की श्रेणी का चयन करें। महिला और बाल अपराधों के मामलों में सरकार ने 'गुमनाम रूप से रिपोर्ट' (Report Anonymously) करने की सुविधा दी है, जिससे पीड़ित की पहचान पूरी तरह गुप्त रहती है। वित्तीय या अन्य साइबर अपराधों के लिए 'रिपोर्ट अन्य साइबर क्राइम' पर क्लिक करके आगे बढ़ें। अगले चरण में नियम व शर्तों को स्वीकार करने के बाद 'Click for New User' पर जाकर नागरिक लॉगिन (Citizen Login) करें। यहाँ अपना राज्य, मनपसंद लॉगिन आईडी और मोबाइल नंबर दर्ज करें, जिसके बाद मोबाइल पर आए ओटीपी और कैप्चा को भरकर सबमिट करें। इसके बाद 'घटना का विवरण' (Incident Details) दर्ज करें, जिसमें अपराध का प्रकार, घटना की सटीक तारीख, समय और वह प्लेटफॉर्म (जैसे- व्हाट्सएप, फेसबुक, बैंक ऐप) चुनें जहां फ्रॉड हुआ है। इसी पेज पर अपने जुटाए गए स्क्रीनशॉट या साक्ष्य अपलोड कर दें। अंतिम चरणों में संदिग्ध की जानकारी (Suspect Details) दर्ज करनी होती है। यदि आपके पास धोखाधड़ी करने वाले व्यक्ति का नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल या कोई भी सुराग है तो उसे भरें, अन्यथा जानकारी न होने पर इसे खाली भी छोड़ा जा सकता है। इसके बाद 'शिकायतकर्ता का विवरण' (Complainant Details) में अपनी व्यक्तिगत जानकारी जैसे नाम और पता जांचें तथा अपना राष्ट्रीय पहचान पत्र (ID Proof) अपलोड कर सबमिट कर दें। शिकायत सफलतापूर्वक सबमिट होते ही आपको स्क्रीन पर और आपके मोबाइल नंबर पर एक पावती संख्या (Complaint ID) मिल जाएगी। इस नंबर के जरिए आप कभी भी पोर्टल के 'Track your Complaint' विकल्प पर जाकर अपनी शिकायत की वर्तमान स्थिति देख सकते हैं। यदि आपके बैंक खाते, यूपीआई (UPI) या क्रेडिट कार्ड से साइबर ठगों ने पैसे उड़ा लिए हैं, तो घटना के तुरंत बाद का समय यानी 'गोल्डन ऑवर' सबसे कीमती होता है। वित्तीय ठगी होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें, जो चौबीसों घंटे उपलब्ध है। तत्काल सूचना मिलने पर पुलिस बैंकों के समन्वय से ठगे गए पैसे को अपराधी के खाते में फ्रीज करा देती है। इसके अलावा किसी अज्ञात नंबर या बैंक खाते पर संदेह होने पर लेनदेन से पहले उसकी सत्यता जांचने के लिए पोर्टल पर उपलब्ध 'संदेही रिपॉजिटरी' (Suspect Check) का उपयोग करें। यदि स्थानीय स्तर पर आपकी शिकायत पर त्वरित कार्रवाई न हो रही हो तो सीधे गृह मंत्रालय की विंग को cybercrimegrievance-mha@gov.in पर मेल कर सूचित कर सकते हैं। सजगता ही साइबर अपराध से बचने का सबसे बड़ा हथियार है,इसलिए सतर्क रहें और सुरक्षित रहें।

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