साइबर अपराधियों पर पुलिस का डिजिटल सर्जिकल स्ट्राइक अनूपपुर पुलिस ने चलाया बड़ा जागरूकता अभियान, 26 हजार नागरिकों को बनाया साइबर ढाल

साइबर अपराधियों पर पुलिस का डिजिटल सर्जिकल स्ट्राइक अनूपपुर पुलिस ने चलाया बड़ा जागरूकता अभियान, 26 हजार नागरिकों को बनाया साइबर ढाल



Junaid Khan - शहडोल। अनूपपुर डिजिटल युग में तेजी से पांव पसार रहे साइबर अपराधों और ठगी के संजाल को ध्वस्त करने के लिए मध्य प्रदेश शासन के निर्देशों व राज्य पुलिस मुख्यालय भोपाल की रणनीति के तहत अनूपपुर जिला पुलिस ने ऐतिहासिक कदम उठाया है। पुलिस अधीक्षक अंकित सोनी (IPS) के सशक्त व संवेदनशील नेतृत्व और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जगनाथ मरकाम के कुशल मार्गदर्शन में पूरे अक्टूबर माह को ‘राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा जागरूकता माह’ के रूप में मनाते हुए जिले में अब तक का सबसे बड़ा साइबर सुरक्षा अभियान संचालित किया गया। इस पूरे अभियान की कमान संभालते हुए पुलिस के शीर्ष अधिकारियों से लेकर मैदानी अमले ने गांव-गांव, स्कूल-कॉलेज, बैंक और हाट-बाजारों तक सीधे पहुंचकर नागरिकों को डिजिटल सुरक्षा का मजबूत कवच प्रदान किया है। 94 कार्यक्रमों के जरिए 25,990 नागरिकों तक पहुंची पुलिस, ऑनलाइन-ऑफलाइन बनाई रणनीति। जिले को साइबर अपराधों से मुक्त कराने के ध्येय से चलाए गए इस व्यापक जन-अभियान के तहत कुल 94 विशेष जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसके माध्यम से 25,990 नागरिकों को सीधे तौर पर डिजिटल सुरक्षा के प्रति सचेत किया गया। पुलिस ने दूरगामी रणनीति अपनाते हुए 47 ऑफलाइन कार्यक्रमों के जरिए 7,330 आम लोगों, ग्रामीणों, व्यापारियों और छात्र-छात्राओं को प्रत्यक्ष रूप से जोड़ा। वहीं modern तकनीक और सोशल मीडिया का प्रभावी इस्तेमाल करते हुए 47 ऑनलाइन कार्यक्रमों के जरिए 18,660 लोगों तक साइबर सुरक्षा का कड़ा संदेश पहुंचाया। इस अभियान में कोतमा थाना, कोतवाली अनूपपुर सहित जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारियों (SDOP), थाना/चौकी प्रभारियों और साइबर सेल अनूपपुर की टीम ने रात-दिन एक कर अभूतपूर्व योगदान दिया, जिसकी बदौलत यह अभियान एक जनांदोलन का रूप ले सका। साइबर हाइजीन और सावधानियों की दी गई घुट्टी, हेल्पलाइन 1930 बनी सुरक्षा कवच। अभियान के दौरान पुलिस अधिकारियों ने आमजन को ‘साइबर हाइजीन’ यानी सुरक्षित डिजिटल आदतों का महत्व समझाया। नागरिकों को आगाह किया गया कि वे किसी भी सूरत में अनजान लिंक, संदिग्ध APK फाइल, QR कोड, OTP अथवा ATM PIN किसी से साझा न करें। इसके साथ ही वित्तीय धोखाधड़ी होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या आधिकारिक पोर्टल (www.cybercrime.gov.in) पर शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया समझाई गई, जिससे ठगी की गई राशि को त्वरित होल्ड कराकर वापस कराया जा सके। जिला पुलिस प्रमुख ने स्पष्ट संदेश दिया है कि डिजिटल दुनिया में सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सजगता पर निर्भर करती है। "न क्लिक में जल्दबाजी, न OTP की साझेदारी" के मूलमंत्र के साथ अनूपपुर पुलिस ने साइबर अपराधियों के मंसूबों पर पानी फेरने का काम किया है।

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